कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने योगी आदित्यनाथ को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें पोस्टर ब्वाय की संज्ञा दी है। अपने राज्य के लोगों की परेशानी की परवाह किए बगैर योगी गुजरात में गौरव यात्रा निकाल रहे हैं। रविवार को इंदिरा गांधी के जन्म शताब्दी समरोह पर कृष्णांजलि नुमाइश मैदान में उन्होंने कहा कि ‘ऐ गुजरात की लड़कियों होशियार हो जाओ, क्योंकि बीएचयू में अपनी सुरक्षा मांगने पर यही पोस्टर ब्वाय पुरुष सिपाहियों से छात्राओं को पिटवाता है। गोरखपुर के अस्पताल में हजारों बच्चे मर गए, लेकिन अपनी नाकामी बताने की बजाय योगी गौरव यात्रा के ध्वजवाहक बन गए हैं। मोदी का ग्राफ गिर रहा है, इसलिए योगी को प्रचार प्रचार की कमान सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि मैं छद्म राष्ट्रवादी नहीं, बल्कि देश भक्त हूं। उन्होंने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था ध्वस्त है।
अच्छे-बुरे दिनों में पार्टी को न छोड़ें : गुलाम नबी आजाद
कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री व उप्र कांग्रेस के प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पार्टी के साथ दिल से जुड़ें। हार-जीत में भी पार्टी के साथ अपनी आस्था बनाए रखें। इंदिरा गांधी का जीवन दूसरे प्रधानमंत्रियों से अलग रहा है। बचपन से ही उन्होंने देश की आजादी में योगदान दिया है। उन्होंने स्वार्थी राजनीति की तस्वीर यूं खींची ‘एक पेड़ पर सेब, आम, अखरोट, आड़ू लगे होते हैं, इन्हें खाने के लिए कभी इस पेड़ पर कभी उस पेड़ छलांग लगाते रहते हैं’। लिहाजा, अच्छे और बुरे दिनों में जो पार्टी नहीं छोड़ता है, असल में वही पार्टी का सच्चा सिपाही होता है। इंदिरा गांधी ने हरित क्रांति लाकर देश को अन्न से मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने मोदी पर तंज करते हुए कहा कि वह जान लें कि हरित क्रांति की किसकी देन है। स्कूल में पढ़ा होगा या अब पढ़ लें या उनके पास नकली डिग्रियां हैं.. ?
एक नेता ने पैसा दिया तो एक ने जेब से निकाल लिया: प्रमोद
अलीगढ़। राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने कहा कि एक नेता इंदिरा थी, जिन्होंने बैंकों का राष्ट्रीयकरण करके बेरोजगारों और किसानों को पैसा दिलाया। एक दूसरे नेता (पीएम नरेंद्र मोदी) हैं, जिन्होंनेे जेब में रखे पैसे को जमा करा लिया। भाजपाई कहते हैं कि कांग्रेस ने 70 साल में क्या किया..? जबकि यूएनओ में भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने 70 साल में देश की बेमिसाल तरक्की तस्वीर पेश की। भाजपा के पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने इंदिरा को मां दुर्गा कह कर संबोधित किया। आज जीएसटी के बाद दीवाली की रौनक बाजार से गायब है, लेकिन अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी की आय एक साल में 16 हजार गुना बढ़ गई। अगर कांग्रेस की हुकूमत आई तो जीएसटी का स्वरूप बदलेगा।
आरएसएस ने जमींदारों का विरोध क्यों नहीं किया था : पुनिया
एससी एसटी आयोग के पूर्व अध्यक्ष पीएल पुनिया ने कहा कि इंदिरा ने ही सीलिंग की जमीन दलितों को आवंटित की। बोले, मैं उस समय जिलाधिकारी था। तब न तो बसपा का वजूद था और न ही मायावती का। आरएसएस और हिंदू महासभा के लोग अंग्रेजों के हिमायती थे। आरएसएस बताये कि कभी उसने जमींदारों का विरोध क्यों नहीं किया ? भाजपा वाले कहते हैं कि कांग्रेस मुक्त भारत बनाना है। दूसरी ओर राहुल गांधी कहते हैं कि भाजपा को बनाए रखना है लेकिन किसान मजदूर हित में कांग्रेस को जीतना है। गुजरात से पहले हिमाचल प्रदेश के चुनाव तारीख घोषित करने पर पुनिया ने कहा कि पहले एक साथ चुनाव की अधिसूचना जारी की गई थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। इससे पता चलता है कि नरेंद्र मोदी के दबाव में चुनाव आयोग काम कर रहा है। रोडवेज बस का रंग भगवा होने पर कहा कि ऐसा करने से विकास नहीं नफरत फैलेगी।
ढोल बजते रहे राज बब्बर मुस्कराते रहे
लाव-लश्कर और ढोल-नगाड़ों के साथ जब कांग्रेसी कृष्णांजलि में दाखिल हुए तब उन्हें ढोल बंद करने की हिदायत माइक से कई बार दी गई, लेकिन ढोल-नगाड़े बजते रहे। इस दृश्य देखकर राजबब्बर मुस्कराते रहे। खैर, बाद में ढोल-नगाड़े बंद हो गए। कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष संतोष सिंह जादौन और विवेक बंसल के कई समर्थक जुलूसों की शक्ल में नुमाइश मैदान पहुंचे। यहां पर एटा, हाथरस, कासगंज, खुर्जा, नोएडा के कई नेता समर्थकों के साथ पहुंचे थे।
मोदी के साढ़े तीन साल में बढ़ीं वारदातें : इरफान
मंच पर मौजूद मशहूर इतिहासकार इरफान हबीब ने कहा कि एक पोर्टल ने अपनी समीक्षा में बताया है कि मोदी सरकार में दलित और मुसलमानों के बीच हिंसा की 61 वारदातें हुई हैं जबकि इससे पहले पीएम मनमोहन सिंह के तीन साल के कार्यकाल में केवल दो वारदातें हुई हैं। कांग्रेस के आपातकाल में उन्होंने खुद विरोध किया लेकिन अब वक्त आ गया है कि सभी एकजुट होकर भाजपा को रोकें। आरएसएस ने जमींदारी का विरोध क्यों नहीं किया। महिलाओं को बराबर का अधिकार देने का विरोध क्यों नहीं किया।