मॉक ड्रिल अभ्यास में छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेडस व नागरिकों को नागरिक सुरक्षा के दृष्टिगत युद्ध, अग्नि जैसे भयावह स्थिति एवं संकट के समय क्या करें या क्या न करें के बारे में जानकारी दी गई।
पहलगाम में आतंकी हमले के विरोध में हुई एयर स्ट्राइक के साथ अलीगढ़ में सुबह मॉक ड्रिल हुआ। रात में ब्लैक आऊट के निर्देश जारी हुए।
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अलीगढ़ के नुमाइश मैदान एवं धनीपुर हवाई अड्डा पर युद्ध अथवा किसी भी आपातकालीन संकट की स्थिति से निपटने के लिए आपदा विशेषज्ञयों सहित मेडिकल टीम, फायर ब्रिगेड, पुलिस विभाग, नागरिक सुरक्षा एवं अन्य विभागों व सम्बंधित संसाधनों के साथ मॉक ड्रिल गया। अग्निशमन विभाग ने मॉक ड्रिल अभ्यास में छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेडस व नागरिकों को नागरिक सुरक्षा के दृष्टिगत युद्ध, अग्नि जैसे भयावह स्थिति एवं संकट के समय क्या करें या क्या न करें के बारे में जानकारी दी।
मॉक ड्रिल में बताया गया कि युद्ध अथवा संकट की घड़ी में जरूरी दस्तावेज़ जैसे आधार, पहचान पत्र, ज़मीन कागज़, बैंक डिटेल को एक बैग में रखें।
घर में प्राथमिक चिकित्सा किट, सूखा राशन, पानी, टॉर्च, बैटरियाँ और नकद पैसे रखें। मोबाइल फोन और पावर बैंक चार्ज रखें।
रेडियो या सरकारी समाचार स्रोत से स्थिति की जानकारी लेते रहें।
नजदीकी शरण स्थल या बंकर की जानकारी पहले से रखें।
अगर संभव हो, तो सुरक्षित क्षेत्र की ओर प्रस्थान करें।
घर में मजबूत दीवारों के पास या नीचे शरण लें।
यदि वहां से निकलने का आदेश हो तो निकल जाएं।
अफवाहों पर विश्वास न करें।
सोशल मीडिया या अनजान स्रोतों से मिली खबरों को सत्य माने बिना न फैलाएं।
बिना योजना के बाहर न निकलें, बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है। केवल ज़रूरत पड़ने पर और सुरक्षा सुनिश्चित करके ही जाएं।
हथियार या संदिग्ध वस्तु छूने से बचें। किसी भी विस्फोटक या संदिग्ध.वस्तु को न छुए, तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचें। खुले बाज़ार या स्टेशन जैसे क्षेत्रों में रहने से खतरे की संभावना बढ़ जाती है।
ब्लैकआउट के दौरान सभी लाइटें और बिजली के उपकरण बन्द कर दें।
इन्वर्टर और जेनरेटर बन्द करें ताकि बाहरी रोशनी समाप्त हो सके।
रेडियो, मोबाइल एवं अन्य माध्यमों से सरकारी निर्देश सुनते रहें।
जरुरी दवाइयाँ और टार्च सामान पहले से तैयार रखें।
कहीं भी सामूहिक रूप से इकठ्ठा न हों।
घर की खिड़कियों में मोटे पर्दे लगाकर रखें। अगर पर्दा न हो तो खिड़की के शीशे पर कागज़ चिपका दें।
इमरजेंसी नंबरों की पूरी जानकारी रखें। आवश्यकता पड़ने पर इन नंबरों पर तत्काल संपर्क करें।
बेसमेंट वाले भवनों की पहचान कर ली जाये।
डिग्री कॉलेज के विद्यार्थियों, स्काउट गाइड व एनएसएस की जागरूकता के लिए मदद ली जाये।
मॉक ड्रिल में ये रहे मौजूद
मॉक ड्रिल में अपर जिलाधिकारी नगर अमित कुमार भट्ट, पुलिस अधीक्षक नगर मृगांक पाठक, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, आपदा विशेषज्ञ सहित उद्योग, चिकित्सा, स्वास्थ्य, नागरिक उड्डयन, एसपीओ, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, फायर ब्रिगेड आदि मौजूद रहे।