मतदाता सूची गलत पहुंचने पर हंगामा करते लोगो को समझाते एसीएम रंजीत सिंह।
- फोटो : CITY OFFICE
स्नातक-शिक्षक एमएलसी चुनाव के मतदान के दौरान सुबह शहर के तीन-चार केंद्रों पर पोलिंग पार्टियों की मतदाता सूची और प्रत्याशियों द्वारा मतदाताओं को उपलब्ध कराए मत पत्रों में मिलान न होने से अव्यवस्था फैल गई। मतदाता सूची में नाम लाल पेन से कटे होने पर मतदाताओं ने हंगामा कर दिया। सूचना पर भाजपा और सपा प्रत्याशी के साथ निर्दलीयों के समर्थक भी आ गए। इस दौरान कोरोना संक्रमण काल में सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराया गया।
सुबह आठ बजे से शुरू हुए मतदान के बाद मतदाताओं की भीड़ बढ़ती गई। सबसे पहले रामघाट रोड स्थित टीकाराम कन्या इंटर कालेज के बूथों पर मतदाता सूची में गड़बड़ी मिली। यहां पोलिंग अफसरों को उपलब्ध कराई गई सूची में करीब 300 मतदाताओं के नाम कटे थे, जैसे ही मतदाताओं ने अपने नामों को पेन से कटा हुआ पाया। उनका माथा ठनक गया। इधर, सूचना पर भाजपा और सपा प्रत्याशी के समर्थक आ गए। उन्होंने जांच की मांग की। इस पर एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह और सीओ तृतीय अनिल समानिया ने जांच की तो पता लगा कि जिन मतदाताओं के नाम इस बार टीकाराम कॉलेज बूथ पर उपलब्ध कराई सूची से काटा गया है, उनका बूथ संत फिदेलिस है।
ऐसा मतदाताओं को प्रत्याशियों की ओर से पुरानी सूची के अनुसार मत पत्र देने के कारण हुआ है। इसी प्रकार की समस्या खैर रोड के सुभाष स्कूल में बानए मतदान केंद्र और उदय सिंह जैन इंटर कालेज में बनाए मतदान केंद्र में भी देखने को मिली। डीएम ने तत्काल सभी केंद्रों पर मजिस्ट्रेटों को भेज समस्या का निस्तारण कराया। हालांकि, इसके बाद नये बूथ पर पहुंचे मतदाताओं को लेकर सबसे बड़ी परेशानी पोलिंग अफसरों को उनके नाम सूची में तत्काल खंगालाने को लेकर हुई। डीएम ने नायब तहसीलदार कोल मनीष को एक कर्मचारी के साथ खुद लैपटॉप लेकर संत फिदेलिस स्कूल में बैठने और तत्काल मतदाताओं का नाम खोजने का जिम्मा सौंपा। दोपहर करीब दो बजे तक व्यवस्था पटरी पर लौट सकी। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि जिले के कुछ केंद्रों पर मतदाता सूची में गड़बड़ी की बात सामने आई। इसको दूर कराया गया।