एमएलसी चुनाव में प्रचार के 48 घंटे और शेष हैं। 28 नवंबर का दिन और 29 नवंबर को शाम पांच बजे तक प्रचार होगा। इसके बाद सभी तरह का प्रचार बंद हो जाएगा। सपा, भाजपा और कांग्रेस के साथ निर्दलीय प्रत्याशियों ने इस बचे हुए वक्त में पूरा दम लगा दिया है। सपा के स्नातक प्रत्याशी असीम यादव, शिक्षक उम्मीदवार हेवेंद्र चौधरी उर्फ हौव्वा चौधरी, भाजपा के स्नातक प्रत्याशी मानवेंद्र प्रताप सिंह, शिक्षक प्रत्याशी दिनेश वशिष्ठ, कांग्रेस के स्नातक प्रत्याशी राजेश द्विवेदी भी दिन रात एक कर रहे हैं। स्नातक विधायक चुनाव 12 जिलों का होने के कारण प्रत्याशियों को कोरोना का प्रोटोकाल का पालन करते हुए प्रचार करने में कहीं-कहीं असुविधा भी हो रही है, लेकिन फिर भी हर उपाय किया जा रहा है।
30 नवंबर को रवाना होंगी पोलिंग पार्टिंया
30 नवंबर को धनीपुर मंडी से एमएलसी चुनाव की पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी। सभी पार्टियां रात तक अपने-अपने मतदान केंद्र पर पहुंचेंगी और व्यवस्थाओं की जांच पड़ताल करेगी। इसके बाद मतदान स्थल तैयार हो जाएंगे। पहली दिसंबर सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हो जाएगा। शाम पांच बजे तक मतदान कराने के बाद सभी पार्टियां उसी दिन रात तक वापस धनीपुर मंडी पहुंचेंगी। जहां स्ट्रांग रूम में मत पेटिकाओं को रखवाया जाएगा। यहां से मतपेटिकाएं आगरा रवाना कर दी जाएंगी। आगरा में इन मतों की गिनती तीन दिसंबर को होगी।
तीन दिसंबर से शुरू होगी मतगणना
पांच दिसंबर तक आएगा नतीजा
आगरा में तीन दिसंबर को मतगणना शुरू होगी। ये मतगणना लगभग 36 से 45 घंटे तक चलेगी। जिसके बाद नतीजा जारी किया जाएगा। नतीजा पांच दिसंबर तक आने की उम्मीद है। जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि मतगणना की जिम्मेदारी आगरा जिला प्रशासन देख रहा है।
कौशल कुमार ने बीस साल में कराए बीस चुनाव
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार कोरोना काल में हो रहे एमएलसी चुनाव में लोगों से सामाजिक दूरी बनाते हुए काम कर रहे हैं। ये उनका 20वां प्रमुख चुनाव है। वह अभी तक 20 वर्ष की सेवा में 20 चुनाव सफलता के साथ संपन्न करा चुके हैं। जिसमें चार विधानसभा (वर्ष 2002, 2007, 2012, 2017), चार लोकसभा (वर्ष 2005, 2009, 2014, 2019), तीन पंचायत चुनाव (वर्ष 2005, 2010, 2015), स्थानीय निकाय चुनाव (वर्ष 2006, 2012 और 2017), उपचुनाव इगलास और अतरौली वर्ष 2004, स्थानीय निकाय का एमएलसी चुनाव, कोऑपरेटिव चुनाव जिला पंचायत चुनाव कई उपचुनाव।
तकरीबन 20 वर्षों की सरकारी सेवा के दौरान लगभग 20 चुनाव। उन्होंने अलग-अलग जिलों में रहते हुए एटा, अलीगढ़, बुलंदशहर, सहारनपुर में भी चुनाव कराए हैं। अलीगढ़ में डेढ़ दशक में ऐसा कोई बड़ा चुनाव नहीं हुआ है, जिसमें वह सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नहीं रहे। उन्होंने कहा कि हर चुनाव उनके लिए एक नया अनुभव है। जिसमें वह पूरी तन्मयता से लगते हैं। इस बार भी कोरोना काल में हो रहे एमएलसी चुनाव एक नई सीख दे रहे हैं। कई बार ऐसा भी हुआ कि चुनाव की अधिसूचना जारी हुई और वह तबादले पर गए थे, लेकिन शासन से सिफारिश कर तत्कालीन जिलाधिकारी भी उनको बुलाते रहे हैं। उसकी वजह ये कौशल कुमार को हर चुनाव में आरक्षण, नामांकन, मतदान, मतगणना तक की छोटी से बड़ी हर जानकारी होती है, जिससे आला अधिकारियों का काम आसान हो जाता है।
इस बार
1-शिक्षक विधायक पद के प्रत्याशी 16
2-स्नातक शिक्षक विधायक के प्रत्याशी 22
3-जिले में मतदान केंद्र 33 मतदेय स्थल 91
4-स्नातक पद पर 47532, शिक्षक पद पर 4275 मतदाता
5-मतदान मंगलवार सुबह आठ से शाम पांच बजे तक
1-30 नवंबर को धनीपुर मंडी से 91 पोलिंग पार्टियां, 91 माइक्रो आब्जर्वर और 91 वीडियोग्राफर के साथ रवाना होंगी। ये पार्टियां शाम तक अपने संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचेंगी।
2-30 नवंबर से पहली दिसंबर शाम तक शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 16 सेक्टर, सात जोनल, सात सुपर जोनल तैनात होंगे।
3-पहली दिसंबर को मतदान सुबह आठ से शाम पांच बजे तक होगा। इसके बाद मतपेटिकाएं धनीपुर मंडी के स्ट्रांग रूम में पहुंचेंगी। जहां से ये मतपेटिकाएं आगरा पहुंचेंगी।
4-आगरा में तीन दिसंबर को एक साथ मतगणना होगी। इसकी गिनती पूरा होने में लगभग 36 से 45 घंटे का वक्त लग सकता है। नतीजा पांच दिसंबर की सुबह तक आने की उम्मीद।