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मेरा घर तोड़ रहे विधायक, सुनवाई नहीं हुई तो कर लूंगा आत्मदाह

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महानगर के क्वार्सी आर्य नगर के रहने वाले एक व्यापारी ने भाजपा के कोल क्षेत्र के विधायक अनिल पाराशर व उनके बेटे पर कथित तौर पर आरोप लगाकर बखेड़ा खड़ा कर दिया। एसएसपी को शिकायत देकर कहा कि उसके पत्नी, बच्चों को विधायक व उनके बेटे ने कहीं बंधक बनाकर रखा है। अगर सुनवाई नहीं हुई तो आत्मदाह कर लेगा। पुलिस ने जांच के बाद आरोप के निराधार होने का दावा किया।
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आर्य नगर निवासी अधेड़ उम्र व्यापारी राजीव अग्रवाल ने एसएसपी को लिखित शिकायत देकर कहा कि 30 अप्रैल 2021 को किसी काम से वह बाहर गया था। तभी से उसकी पत्नी प्रीती, बेटी मुस्कान व बेटा रितिक गायब है। जानकारी पर पता चला कि विधायक के पुत्र ने अपने कुछ दोस्तों व दो अन्य कारोबारियों की मदद से उन्हें बंधक बना रखा है। घर से जेवरात नकदी भी ले गए हैं। एक वर्ष से पुलिस सुनवाई नहीं कर रही। अब उसे न्याय नहीं मिला तो वह 15 अगस्त को एसएसपी कार्यालय पर आत्मदाह कर लेगा। कहा कि विधायक व उनके साथी कारोबारियों की उसके मकान पर नजर है। चूंकि विधायक पुत्र, मेरी बेटी व उसकी सहेलियों के संग पढ़े हैं। इसलिए अपने दोस्तों संग व कुछ कारोबारियों के इशारे पर यह हरकत की है। एसएसपी स्तर से तत्काल मामले में सीओ तृतीय को जांच सौंपी गई। सीओ स्तर से दोनों पक्षों को तलब कर विषय समझा गया। जिसके बाद मामला झूठा व आरोप निराधार पाए गए हैं।
- जांच में पाया गया है कि राजीव अग्रवाल व उनकी पत्नी-बच्चों में लंबे समय से विवाद है। वर्ष 2021 में पत्नी की ओर से मारपीट, अश्लील हरकत, धमकी देने संबंधी धाराओं में पति के खिलाफ क्वार्सी थाने में मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा एक मर्तबा दोनों के विवाद में राजीव पर शांति भंग की कार्रवाई बन्नादेवी थाने में हुई है। विधायक या अन्य लोगों पर लगाए आरोप निराधार हैं।-श्वेताभ पांडेय, सीओ तृतीय
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यह पारिवारिक विवाद है। कुछ लोगों के जरिये दोनों पक्ष मेरे पास सुलह-समझौते के लिए आए थे, मगर बात नहीं बनी। पत्नी व बच्चे साथ नहीं रहना चाहते। अब बेवजह मुझे व मेरे बेटे आदि को घसीटा जा रहा है। मेरा इन दोनों से कोई नाता नहीं है।
-अनिल पाराशर, विधायक
-मैं और मेरे बच्चे एक अर्से से उत्पीड़न झेलते आ रहे हैं। बच्चे बड़े हो गए हैं, उत्पीड़न नहीं सहा गया तो मैं बच्चों को लेकर बन्नादेवी क्षेत्र में किराये पर अलग रह रही हूं। पूर्व में मुकदमा दर्ज करा चुकी हूं। बच्चे व मैं अब उस इंसान की शक्ल तक नहीं देखना चाहते। हमें न किसी ने अगवा किया और न बंधक बनाया। हम अपनी मर्जी से रह रहे हैं।
-प्रीति अग्रवाल, आरेापी की पत्नी
- मैं अपने आरोप पर अडिग हूं। यह एक साजिश के तहत किया गया है। सभी लोग झूठ बोल रहे हैं। किसी भी स्तर पर मैं अपनी बात रखने को तैयार हूं।-राजीव अग्रवाल, कथित आरोप लगाने वाला व्यापारी
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