मुकदमे में जांच लगातार जारी है। अभी तक पूरी जांच में कहीं भी साफ नहीं हुआ है कि घटना में प्रयुक्त की गई बोलेरो अलीगढ़ नंबर की है। आरटीओ कार्यालय से भी पुष्टि कर ली गई है। फिर भी मामले में गहनता से जांच जारी है।- डीके सिसोदिया, प्रभारी निरीक्षक खैर
रिपोर्ट के आधार पर मामले में गहनता से जांच की जा रही है। इसमें क्राइम ब्रांच, एसओजी व कोतवाली थाने की दो टीमें जांच में जुटी है। अभी तक की जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। विवेचना जारी है।- वरुण कुमार सिंह, सीओ खैर
विशेष न्यायाधीश की गाड़ी को ओवरटेक करने व धमकाने के मामले में करीब 230 से अधिक सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया है। कहीं भी विशेष न्यायाधीश की गाड़ी के आस-पास या पीछे कोई भी गाड़ी पीछा करते हुए दिखाई नहीं पड़ी है। 100 से अधिक स्थानीय लोगों से भी घटना के बारे में जानकारी ली गई है। किसी ने भी घटना के बारे में कुछ भी नहीं देखा है और न ही कोई संदिग्ध कार पीछा करते हुए मिली है।- मुकेश चंद्र उत्तम, एसपी देहात
29 अक्तूबर की थी घटना...पुलिस ने 9 नवंबर को दर्ज किया था मुकदमा
नोएडा जाते वक्त न्यायाधीश के साथ घटना 29 अक्तूबर को हुई थी। जज ने घटना की जानकारी तत्काल उसी वक्त एसएसपी के पीआरओ और सोफा पुलिस चौकी इंचार्ज को दी थी लेकिन फिर भी पुलिस सक्रिय नहीं हुई। होना तो यह चाहिए था कि मौखिक जानकारी को ही प्रथम सूचना मान, उसी वक्त मुकदमा दर्ज कर पुलिस पड़ताल करती। लेकिन जब नौ नवंबर को न्यायाधीश ने घटना के संबंध में तहरीर भेजी और ईमेल किया तब पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। कुल मिलाकर घटना के 12 दिन बाद पुलिस सक्रिय हुई।
सुंदर भाटी गिरोह पर हमले की कोशिश का जताया था अंदेशा
कुख्यात अपराधी सुंदर भाटी के गिरोह पर हमले की कोशिश करने का अंदेशा जताया गया है। कहा गया कि 2021 में न्यायाधीश ने इस गिरोह के सदस्यों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसका बदला लेने के लिए गिरोह ने उन पर हमले की कोशिश की। एक संभावना उन्होंने रोडरेज की भी जताई थी।