आगरा से घर छोड़कर अलीगढ़ जंक्शन आने वाले मासूम बच्चे भाई-बहन नहीं बल्कि प्रेमी-प्रेमिका निकले। सोमवार को उन्होंने अपनी प्रेम की दास्तां आरपीएफ और चाइल्ड लाइन की टीम के सामने रख, शादी कराने तक की मांग की।
मासूमों ने बताया कि उन्होंने एक बार धड़क फिल्म देखी थी। तभी से दोनों एक दूसरे को चाहने लगे। घर वालों से शादी कराने की मांग की तो उन्होंने फटकार लगा दी। इसी बात से नाराज होकर घर छोड़ अपनी दुनिया बसाने चले थे। मगर, पकड़े जाने पर वह डर गए। इसलिए खुद को भाई-बहन बता दिया। इस कहानी को सुन आरपीएफ की टीम भी दंग रह गई।
आरपीएफ इंस्पेक्टर चमन सिंह तोमर के अनुसार प्लेटफॉर्म सात पर रविवार शाम को चेकिंग के दौरान दो बच्चे रोते हुए मिले। उन्हें रोते देख थाने लाकर पूछताछ की तो बालक ने अपनी उम्र 12 और बालिका ने अपनी उम्र 13 वर्ष बताई। साथ ही उसने बताया कि दोनों भाई-बहन हैं।
आगरा के एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के नरायच मोहल्ला के रहने वाले हैं। माता-पिता काम को लेकर पिटाई करते हैं। खाना भी नहीं देते। इससे परेशान होकर एक ट्रेन में बैठकर यहां आ पहुंचे। लेकिन बाद में उन्हें अलग-अलग रखा गया और खाना खाने को दिया तो वह एक साथ रहने और साथ में ही खाना खाने की जिद पर अड़ गए। शक होने पर उनसे दोबारा पूछताछ की तो वह खुद को प्रेमी-प्रेमिका बताने लगे।
साथ ही बालक ने बताया कि उसकी मां नहीं है और बालिका का पिता नहीं है। दोनों आपस में पड़ोसी हैं। आरपीएफ इंस्पेक्टर के मुताबिक बच्चों को चाइल्ड लाइन की टीम को सौंप दिया गया है। टीम ने उनके परिवारवालों से संपर्क किया है। चाइल्ड लाइन प्रभारी ज्ञानेंद्र मिश्रा के अनुसार बच्चों के परिवारवालों से बात हो गई है। वह मंगलवार को आने की बात कह रहे हैं।