करीब 125 पेटियों में चीनी डाल पाए और जब गौर किया तो चीनी अन्य पेटियों में डालना रोक दिया। हैरत की बात है कि बाकी में मधुमक्खी सुरक्षित हैं, जिन पेटियों में चीनी डाली गई, उनमें मक्खियों की मौत हो गई। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 429 के तहत चीनी विक्रेता पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इधर, उद्यान विभाग को मौत का कारण जानने के लिए पत्र लिखा है और एफडीए को चीनी का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
सीओ बोले- एफडीए की रिपोर्ट आने पर होगी कार्रवाई
सीओ इगलास राघवेंद्र सिंह का कहना है कि मडराक में मधुमक्खी की मौत के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। बाकी जांच कराई जा रही है। एफडीए व उद्यान विभाग की रिपोर्ट यह साफ करेगी कि मौत कैसे हुई। उसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
ये है धारा 429 में
पचास रुपये या उससे अधिक कीमत मूल्य के किसी भी पशु, जीव जंतु का वध करने, विष देने, विकलांग करने या निरुपयोगी बनाने का आरोप। जिसमें 5 वर्ष तक की सजा या जुर्माने का प्रावधान है।