26 मई की दोपहर फूल चौराहा स्थित राधिका ज्वैलर्स के स्वामी मूल रूप से बिजौली हाल सुरेंद्र नगर निवासी ललित सराफ के घर में घुसकर उनकी पत्नी शिखा व बेटे गोविंदा की चाकुओं से गोदकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस घटना की जानकारी देर शाम करीब पौने आठ बजे एक पड़ोसी के जरिये दुकान पर मौजूद ललित व पुलिस को हुई। हालांकि प्रारंभिक तौर पर ललित ने अपनी पत्नी व साली के बीच चल रहे पिता की नौकरी व फंड के बंटवारे से जुड़े विवाद में हत्या का अंदेशा जताते हुए साली व उसके होने वाले पति को नामजद कर मुकदमा दर्ज कराया था। इस आधार पर पुलिस ने दोनों नामजदों व दूसरे साली साढ़ू को हिरासत में लेकर कई दिन तक पूछताछ की। इस दौरान यह भी उजागर हुआ कि ललित के घर से आठ लाख रुपये से अधिक कीमत का जेवर भी गायब हुआ है। इस पर पुलिस यह मानने लगी कि हो सकता है कि वारदात को लूट दर्शाने के लिए ऐसा किया गया हो।
ऐसे मिली हत्यारों तक पहुंचने में सफलता
इस घटना के खुलासे में पहले ही दिन से पुलिस की पांच टीमें खुद एसएसपी कलानिधि नैथानी की अगुवाई में लगी थीं। शुरू के दो दिन की जांच में पुलिस को सीसीटीवी की मदद से दो हत्या आरोपियों के चेहरे कैद पाए गए। ये दोनों घटना से पहले ललित के घर में घुसे और वारदात को अंजाम देने के बाद पैदल - पैदल महाजन होटल तक गए। वहां से ऑटो में बस स्टैंड, फिर सारसौल से मेहरावल तक गए। इसके बाद उनकी कोई खबर नहीं मिली।
इस पर पुलिस ने तीसरे दिन नए सिरे से इन दोनों के सीसीटीवी देखे तो पाया कि घटना से पहले दोनों गांधीपार्क बस स्टैंड पर मिले हैं। यहां से दोनों ने कबरकुत्ता से एक कैप भी खरीदी है। फिर ऑटो में सवार होकर ललित के घर से दो गली पहले पहुंचे हैं। वहां ऑटो छोड़कर पैदल-पैदल गए हैं। इस दौरान उनमें से एक कई बार मोबाइल पर भी बात कर रहा है। इसे लेकर जब मोबाइल नंबर की टॉवर लोकेशन आदि पर काम शुरू किया तो पाया कि एक नंबर ऐसा है, जिसकी घटना से पहले कई बार ललित के मोबाइल पर कॉल गई है। उसी नंबर की लोकेशन सीसीटीवी में कैद युवकों की लोकेशन के साथ-साथ चल रही है। जब इस नंबर को खोजा गया तो यह नंबर हरदुआगंज के अतुल ज्वैलर्स के स्वामी अतुल सोनी के नाम से पाया गया। बस पुलिस को यह क्लू घटना के खुलासे के लिए सबसे महत्वपूर्ण लगा।