जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हड़ताल के बाद सेवा ठप हो गई। संवाद
जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में बुधवार रात इलाज के दौरान शौकत अली (50) की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद गुस्साए जूनियर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने इमरजेंसी सेवाएं ठप कर दीं।
परिजनों के अनुसार बुधवार रात करीब 9:30 बजे शहर के शाहंशाहबाद निवासी शौकत अली की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें शुगर व अन्य बीमारी के चलते हालत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे थे।
मारपीट से नाराज जूनियर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने मरीजों को बाहर निकाल दिया और नाराजगी जताते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने डॉक्टरों से बातचीत कर हड़ताल खत्म कराने की कोशिश शुरू की। समाचार लिखे जाने इमरजेंसी सेवाएं ठप थीं।
इमरजेंसी बंद होने से मरीजों की जान पर बनी
इस घटना का सबसे बड़ा असर उन मरीजों पर पड़ा जो इमरजेंसी सेवा पर निर्भर थे। संभल के थाना गुन्नौर क्षेत्र के गांव भोजपुरी निवासी रविंद्र देरशाम दो बाइक की भिड़ंत में गंभीर रूप से घायल हो गए। पिता रणवीर सिंह मां शकुंतला और अन्य परिजनों ने मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। हड़ताल के चलते डॉक्टर ने रविंद्र को भर्ती नहीं किया।
सारसौल से सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल दो युवकों को लेकर पहुंचे परिजनों को भी निराश होकर अस्पताल से वापस लौटना पड़ा। अतरौली से जली हालत में पहुंची विमला देवी को उनके परिजन पहले दीनदयाल अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन यहां हड़ताल के चलते डॉक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया।
जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हड़ताल के बाद सेवा ठप हो गई। संवाद
जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हड़ताल के बाद सेवा ठप हो गई। संवाद
जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में हड़ताल के बाद सेवा ठप हो गई। संवाद