कार्यकारिणी सदस्यों के चुनाव के लिए शनिवार को बुलाई गई नगर निगम बोर्ड की बैठक में जमकर हंगामा, नारेबाजी, प्रदर्शन और धरना आदि हुआ। बैलट पेपर सदन से बाहर ले जाने के मुद्दे पर चुनाव स्थगित होने की घोषणा के बाद पार्षद धरने पर बैठ गए और महापौर मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। पार्षदों ने शहर की कई समस्याओं को सदन में उठाया लेकिन उनके कोेई जवाब पार्षदों को नहीं मिला। इससे पहले नगर सफाई मजदूर संघ के पदाधिकारी सदन में नारेबाजी करते घुस गए और अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन दिया। इस दौरान सदन के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल और फायर ब्रिगेड तैनात था।
शनिवार को बोर्ड बैठक सुबह शुरू नहीं होकर दोपहर बाद चार बजे महापौैर मो. फुरकान की अध्यक्षता में शुरू हुई। सदन में सहायक निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार भी मौजूद थे। बैठक में कार्यकारिणी के 12 सदस्यों का चुनाव होना था। जब कार्यकारिणी सदस्यों के चुनाव पर सर्वसम्मति नहीं बनी तो चुनाव की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात उठी।
भाजपा की मांग की थी कि छह सदस्यों में से उसके चार सदस्य स्वीकार किए जाएं। जबकि बसपा की दलील थी कि तीन तीन सदस्यों पर सहमति बन जाए। इससे पहले नगर सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी, महामंत्री राधे घूरी ने अन्य पदाधिकारियों के साथ सदन में घुसकर नारेबाजी की और अपनी समस्याओं को लेकर ज्ञापन महापौर को सौंपा।
इनके जाने के बाद मामला कुछ शांत हुआ तो चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई। बताया गया है कि इस दौरान कुछ सदस्य बैलेट पेपर लेकर बाहर जाने लगे। इसको प्रक्रिया का उल्लंघन माना गया और कहा गया कि इसी आधार पर चुनाव प्रक्रिया स्थगित की गई। इसके बाद पार्षद सदन में ही धरने पर बैठ गए और महापौर के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
सदन में महापौर मुर्दाबाद, महापौर की कार्यशैली भ्रष्ट है, इस तरह के नारे लगने लगे। भाजपा के पार्षद पुष्पेंद्र सिंह जादौन ने आरोप लगाया कि पिछली तीन बार से कार्यकारिणी चुनाव की प्रक्रिया को स्थगित किया जा रहा है। महापौर को डर है कि सदन में भाजपा का बहुमत है। इसलिए चुनाव होने पर कार्यकारिणी में भाजपा के सदस्यों का पलड़ा भारी रहेगा।
यही सोचकर प्रक्रिया स्थगित की जा रही है। उन्होंने सदन में कहा कि शिवरात्रि के अवसर पर भी सफाई और चूने की व्यवस्था नहीं है। सीवर लाइनों का पानी घरों में वापस लौट रहा है, वह चोक पड़ी हैं। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा सदन में वीरेंद्र सिंह, मुशर्रफ मेहजर, दिनेश आदि ने भी जनसमस्याओं को उठाया। बैठक में नगर निगम के विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी कल्याण संघ के पदाधिकारी, स्टाफ के अन्य लोग मौजूद थे।
अब अगली बैठक लोकसभा चुनाव बाद
शनिवार को कार्यकारिणी चुनाव के लिए बुलाई गई बोर्ड बैठक के अब लोकसभा चुनाव के बाद ही आयोजित होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। नगर निगम प्रशासन का कहना है कि लोक सभा चुनाव के चलते आचार संहिता लग जाएगी। इसके बाद प्रक्रिया को अंजाम देना संभव नहीं होगा।
एएमयू में लगवाएं बाबा साहेब की प्रतिमा
बैठक के दौरान पार्षद ठा. पुष्पेंद्र जादौन ने शुक्रवार को स्टेट बैंक तिराहे के सामने आंबेडकर पार्क में बाबा साहेब की 9 लाख रुपये की लागत से तैयार धातु की प्रतिमा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अभी काम समाप्त भी नहीं हुआ है और पूरा भुगतान कर दिया गया है। महापौर एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हैं। वह एएमयू में भी एक प्रतिमा बाबा साहेब की लगवाएं। तो उनकी निष्ठा का वास्तविक आकलन होगा।
अधिकारी करवा रहे जानबूझ कर हंगामा: राहुल चेतन
भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर उपाध्यक्ष राहुल चेतन ने कहा है कि नगर निगम की बोर्ड की बैठक में सोची समझी रणनीति के तहत अधिकारियों ने हंगामा करवाना चाहा। कुछ अधिकारी नहीं चाहते कि भारतीय जनता पार्टी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के प्रति वर्ग के लोगों को मिले। इसीलिए कुछ भ्रष्ट अधिकारी नहीं चाहते हुए भी सफाई कर्मचारियों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं और यह सब करके सरकार के खिलाफ एक भ्रम पैदा करना चाहते हैं। ऐसी ओछी मानसिकता के अधिकारियों की शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्य नाथ योगी व उत्तर प्रदेश में नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना, अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम और अलीगढ़ के सातों विधानसभा के विधायकों से की जाएगी। जबकि अलीगढ़ नगर निगम को नगर सफाई मजदूर संघ की जायज मांगों को मान लेना चाहिए जिसे नगर निगम बोर्ड ने भी प्रस्ताव बनाकर पास कर दिया है।