आशीष श्रीवास्तव, अलीगढ़।
सहकारी बैंक कासिमपुर में हुए 11.83 करोड़ के ऋ ण घोटाले के मास्टरमाइंड सुरेश चंद शर्मा उर्फ सुरेंद्र शर्मा को सीबीसीआईडी की कोआपरेटिव सेल की टीम ने बृहस्पतिवार को सासनीगेट क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। बाद में आरोपी को जेल भेज दिया गया है। आरोपी पर गोधा सोसाइटी के सचिव रहने के दौरान बैंक प्रबंधक व अन्य से सांठगांठ कर फर्जी सदस्यों को लोन दिलाने का आरोप है।
कासिमपुर सरकारी बैंक से एक अप्रैल 2010 से लेकर 30 जून 2014 तक की अवधि में दो हजार लोगों के नाम 11.83 करोड़ का लोन किया गया था। उस समय आरोपी सुरेश चंद्र शर्मा उर्फ सुरेंद्र शर्मा गोधा सहकारी समिति का सचिव था। वर्ष 2017 में इस मामले में सहकारी बैंक के तत्कालीन सचिव प्रवीण सिरोही को शिकायत मिली तो उन्होंने कमेटी गठित कर जांच कराई। करीब एक साल तक चली जांच में घोटाला सामने आ गया। पता चला कि गोधा सोसाइटी के तत्कालीन सचिव ने तत्कालीन बैंक प्रबंधक अनिल कुमार नंदा, कैशियर ब्रजेश अवस्थी व सहकारी पर्यवेक्षक व लिपिक संजय मौर्य से सांठगांठ कर यह घोटाला किया है। इसमें फर्जी सदस्यों के नाम से 11.83 करोड़ का ऋण दर्शाया गया है। जबकि वास्तव में इन नामों का कोई व्यक्ति नहीं है। लोन के एवज में दर्शायी गयी जमीन समेत अन्य दस्तावेज भी फर्जी हैं। इस मामले की जांच सीबीसीआईडी लखनऊ की टीम कर रही है।
प्रबंधक व कैशियर हो चुके बर्खास्त
इस घोटाले में सहकारी बैंक कासिमपुर के तत्कालीन प्रबंधक अनिल नंदा व कैशियर ब्रजेश अवस्थी को मई 2020 में बर्खास्त किया जा चुका है। तीसरे आरोपी संजय मौर्य के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है। वर्तमान में वह सीतापुर जिले में एडीओ पद पर तैनात हैं।
6 माह से न्यायालय में नहीं हो रहे थे पेश
सभी आरोपियों के खिलाफ जवां थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। इन सभी को सीजेएम पंचम की अदालत में पेश होना था। इस बीच भाजपा नेता ने हाईकोर्ट की शरण ली। अदालत ने इन्हें 6 माह में न्यायालय में हाजिर होकर अपना पक्ष रखने को कहा था।
- सहकारी बैंक कासिमपुर में हुए 11.83 करोड़ के घोटाले के मास्टरमाइंड व तत्कालीन सचिव गोधा सहकारी समिति सुरेश चंद्र शर्मा उर्फ सुरेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें जेल भेज दिया गया है। - शेखर सिंह, जांच अधिकारी, सीबीसीआईडी कोऑपरेटिव सेल