सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने हाथरस में दुष्कर्म की शिकार अनुसूचित जाति की युवती की मौत के प्रकरण में राज्य मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है।
उन्होंने आयोग के सदस्य जस्टिस केपी सिंह से मुलाकात कर बताया कि घटना के समय पीड़िता के परिवार वालों पर दबाव डाल कर मात्र एक अभियुक्त के विरुद्ध धारा 307 आईपीसी तथा 3(2)(5) एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में पांच दिन तक पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं की गई और 19 सितंबर को मात्र धारा 354 बढ़ाई गई। 22 सितंबर को धारा 376डी (सामूहिक दुष्कर्म) की बढ़ोतरी कर 3 नये अभियुक्तों के नाम शामिल कर दिए। डॉ. नूतन ने कहा यह पूरी तरह अविश्वसनीय है कि पीड़िता ने सामूहिक दुष्कर्म की बात अपनी मां व घरवालों को नहीं बताई हो और सीधे पुलिस को बताई हो।
यह कहा जाना कि पीड़िता के बयान के आधार पर सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई है, पूरी तरह अस्वीकार्य है. उन्होंने मृतका को जबरदस्ती अंतिम संस्कार किए जाने की भी शिकायत की। उन्होंने जस्टिस सिंह से आयोग की टीम से जांच करवाए जाने की मांग की। इसके अलावा डॉ. नूतन ने सोशल साइट्स पर युवती का नाम उजागर किए जाने, हैशटैग चलाए जाने, फोटो शेयर किये जाने आदि के संबंध में एफआईआर दर्ज करवाने तथा इन्हें अविलंब हटवाए जाने की भी मांग की है। ब्यूरो