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Aligarh News: 21300 परिवारों की गरीबी दूर करने को बना मास्टर प्लान, ये है प्लानिंग

Tue, 07 Jan 2025 11:51 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

इन परिवारों को पीएम आवास योजना, बच्चों को निशुल्क शिक्षा, यूनीफार्म, मिड डे मील, रोजगार परक प्रशिक्षण, आयुष्मान कार्ड से निशुल्क इलाज, घर में उज्जवल्ला गैस कनेक्शन, श्रम विभाग की योजनाओं, मनरेगा, कौशल विकास मिशन, शादी अनुदान आदि योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। 
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जुझरका में गजराज कश्यप की झोपड़ी पर तनी पॉलिथीन - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जीरो पावर्टी-उत्तर प्रदेश अभियान में जिले के 12 ब्लॉकों में 21,300 गरीब परिवार मिले हैं। यह वो परिवार हैं, जो राेजाना कमाते खाते हैं। जिनके सिर पर पक्के मकान की छत नहीं है। एक दिन काम पर न जाएं तो घर में चूल्हा जलना मुश्किल हो जाता है। ताजा सरकारी सर्वे के बाद मिले इन परिवारों को इस वर्ष के अंत तक राहत देने के लिए मास्टर प्लान बनाया गया है। इसके लिए 18,526 परिवारों के फार्म भरवाए गए हैं। बाकी 2774 परिवारों के फार्म भी जल्द भरवाए जाएंगे।

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इन परिवारों को पीएम आवास योजना, बच्चों को निशुल्क शिक्षा, यूनीफार्म, मिड डे मील, रोजगार परक प्रशिक्षण, आयुष्मान कार्ड से निशुल्क इलाज, घर में उज्जवल्ला गैस कनेक्शन, श्रम विभाग की योजनाओं, मनरेगा, कौशल विकास मिशन, शादी अनुदान आदि योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। वर्ष 2025 के अंत तक इनको खुश करने की तैयारी हो रही है, ताकि यूपी को गरीब मुक्त किया जा सके।

इन परिवारों का नाम आवास सूची में दर्ज है या नहीं, देखा जाएगा। इनको आवास का लाभ दिया जाएगा। यदि कोई परिवार गिरासू भवन में है तो दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा।-वेदप्रकाश, बीडीओ।

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इस तरह की जो भी सूचनाएं मिल रही हैं, वहां बीडीओ स्तर से सचिव और प्रधानों द्वारा लोगों को सर्दी के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की व्यवस्था कराई जाएगी।-साहिल कुमार, एसडीएम।

रूह कंपा देने वाली ठंड में पाॅलीथिन का सहारा

6.6 डिग्री सेल्सियस के न्यूनतम तापमान में तेज ठंडी हवाएं हड्डियों तक को कंपा रही है। ऐसे में कच्ची झोपड़ी में रहने वाले जिले के 21,300 परिवार बेहद परेशान हैं। सरकारी सिस्टम को गांवों में आवास बनवाने के लिए पात्र व्यक्ति भी मिल रहे हैं, इसके बावजूद ज्यादातर मौकों पर रिपोर्ट लगा दी जाती है कि कोई पात्र व्यक्ति नहीं मिला। अतरौली के गांव जुझरका में ऐसे कई परिवार हैं, जिनका आधा मकान बारिश में गिर चुका है। सर्दी गुजर रही है, लेकिन कई बार आवास सूची में शामिल होने के बाद भी पक्का मकान नहीं बन पाया। बीते दस वर्ष से इनको पक्के मकान का इंतजार है।

9 साल बाद भी नहीं बना मकान
जुझरका निवासी महेश चंद शर्मा पुत्र मोतीलाल मजदूरी करते थे। पांच साल पहले लकवाग्रस्त हो गए तो मजदूरी भी नहीं कर सकते। पूरा मकान कच्चा है। तहसील के चक्कर काटे तो शौचालय बन गया, मगर आवास नहीं बना। वर्ष 2015 से इनका नाम आवास की सूची में चल रहा है। गांव के ही अनुपम शर्मा ने अपना एक कमरा कुछ दिन रहने की कहकर दे दिया है। पीड़ित को आवास का इंतजार है।

पाॅलीथिन के नीचे गुजर रही रात
जुझरका के ही गजराज सिंह कश्यप पुत्र मोहनलाल का मकान कच्चा है। आधी छत गिर चुकी है, आधे में ही गुजर बसर करते हैं। बाकी हिस्से में पॉलीथिन पड़ी है। वर्ष 2015 से चक्कर काट रहे हैं लेकिन मकान ननीं बन पाया। अब आंखों से दिखाई नहीं देता और चल फिरने में भी असमर्थ हैं। बेटा अलीगढ़ में रहकर मजदूरी करता है। आधा मकान का हिस्सा गिरासू है। ठंड में पूरा परिवार परेशान है।

अधिकारी आते हैं, सर्वे कर चले जाते हैं
जुझरका निवासी सुमन जाटव पत्नी देवेंद्र सिंह का मकान भी कच्चा है। पति रंगाई पुताई करते हैं। सुमन ने बताया कि सालों से अधिकारी आते हैं, सर्वे करके चले जाते हैं उसके बाद कुछ नहीं होता है। नथिया देवी पत्नी बाबूलाल भी इसी गांव की हैं। मकान नहीं है। कुछ ईंट व कुछ लकड़ी लगाकर पॉलीथिन डालकर वह रहती हैं। उसी में खाना बनाना व रहना होता है। बेटा राजकुमार दिल्ली में ई-रिक्शा चलाते हैं। आवास की सूची में नाम है हर बार आश्वासन मिलता है, मकान नहीं।

अतरौली में 160 मकान बने

अतरौली में वित्तीय वर्ष 2022-23 में वर्ष 2011 की सूची के अनुसार कुल 160 प्रधानमंत्री आवास बने। इस वित्तीय वर्ष में 16 आवास निर्माणाधीन हैं। अतरौली ब्लॉक में कुल 86 ग्राम पंचायत हैं।

इतने गरीबों के पास है स्मार्ट फोन
लोधा में 135, टप्पल में 128, अकराबाद में 130, अतरौली में 204, गोंडा में 137, खैर में 148, जवां में 152, इगलास में 114, बिजौली में 131, गंगीरी में 183, धनीपुर में 153 चंडौस में 134 गरीब परिवारों के पास स्मार्ट फोन हैं।

इनको माना गया गरीब
ऐसे परिवार जहां पैसों की जबरदस्त तंगी है। खाने के लिए पर्याप्त भोजन तक नहीं है। पहनने के लिए कपड़े नहीं है। दिहाड़ी और कृषि मजदूरी पर आश्रित हैं। जिनकी कमाई तय नहीं हैं। आवासहीन हैं, या फिर कच्चा मकान है। ऐसे परिवार जिनका जीवन कृषि आधारित आजीविका पर आधारित है, इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है।
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ब्लॉकवार मिले गरीब परिवार

ब्लॉक परिवार फार्म भरे गए
लोधा 1750 1318
टप्पल 1700 1385
द 1625 1330
अतरौली 2150 1778
गोंडा 1625 1365
खैर 1825 1550
जवां 2000 1701
इगलास 1675 1520

बिजौली 1700 1575
गंगीरी 2000 1860
धनीपुर 1700 1637
चंडौस 1550 1507
योग 21300 18526
 
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