बलिदानी गीतम सिंह की पत्नी कहीं अन्यत्र चली गई है। गीतम सिंह का बेटा अनिल लगभग चार वर्ष पूर्व फौज में भर्ती हो गया है, वह भी उसकी देखभाल करने नहीं आता है। बेटे के घर पर ताला पड़ा रहता है, मां घेर में रहती हैं। जब उनसे पूछा कि सरकार की ओर से क्या सहायता मिल रही है?
इगलास क्षेत्र के गांव कोहन निवासी मां सांमरी देवी की आंखे बलिदानी बेटे गीतम सिंह की बात करते ही नम हो जातीं हैं। उनका कहना है कि बेटा तो तीन जुलाई 1999 को बलिदान हो गया। पति रामचरन सिंह की भी 2019 में निधन हो गया। अब उसका जीवनयापन बहुत कठिनाई से हो रहा है।
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बलिदानी की पत्नी कहीं अन्यत्र चली गई है। गीतम सिंह का बेटा अनिल लगभग चार वर्ष पूर्व फौज में भर्ती हो गया है, वह भी उसकी देखभाल करने नहीं आता है। बेटे के घर पर ताला पड़ा रहता है, वह घेर में रहती हैं। जब उनसे पूछा कि सरकार की ओर से क्या सहायता मिल रही है? तो वह रोने लगीं।
गांव में बलिदानी की मूर्ति लगी हुई है, जिस पर वर्ष में एक बार ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव आकर माल्यार्पण करते हैं। मथुरा रोड से गांव तक बनाया गया संपर्क मार्ग अब जर्जर हो गया है। गांव के विद्यालय पर पहले बलिदानी का नाम लिखा गया था, लेकिन बाद में हटा दिया गया। एसडीएम शाश्वत त्रिपुरारी कहते हैं प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है, संबंंधित लेखपाल व राजस्व निरीक्षक से रिपोर्ट मंगाकर जो भी सहायता नियमानुसार मिल सकती है, दिलवाएंगे।