बुधवार की शाम करीब चार बजे चंडौस कोतवाली क्षेत्र के गांव जामुनका में बारिश के बीच तेज तूफान से निर्माणाधीन मैरिज होम की करीब 100 फीट लंबी दीवार गिर गई। इससे दबकर पिता-पुत्र समेत तीन लोगों और दो बैलों की जान चली गई। इस हादसे से हड़कंप मच गया। एसडीएम गभाना जैनेंद्र सिंह, सीओ गभाना सुरेंद्र सिंह और चंडौस कोतवाल सीपी सिंह भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए थे।
चंडौस-गौमत रोड पर गांव गंगेई मोड़ के पास मेन रोड पर निर्माणाधीन इमारत मैरिज होम की बताई जा रही है। बुधवार शाम करीब चार बजे के करीब चंडौस के आसपास बारिश और तूफान के बीच यह दीवार गिर गई। बारिश से बचने के लिए दीवार किनारे खड़े गांव जामनुका निवासी 55 वर्षीय जान मुहम्मद पुत्र गज्जू खां और उनका बेटा 21 वर्षीय शाहरूख समेत 58 वर्षीय शंकरलाल शर्मा पुत्र सामलिया दीवार के मलबे में दब गए।
शंकरलाल के एक जोड़ी बैल भी इसी मलबे में दब गए। बारिश से बचने के लिए ही निर्माणाधीन भवन के ऊपरी हिस्से में खड़े एक व्यक्ति ने शोर मचाया जिस पर राहगीर रुककर मौके पर पहुंचे। इसके बाद जामुनका गांव में जानकारी दी गई तो वहां से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सहमति पर दो शवों का पंचनामा भरकर परिजनों को सौंप दिया गया जबकि एक शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तीनों मृतक खेत की जुताई कर रहे थे तभी बारिश शुरू होने पर बारिश से बचने के लिए दीवार के किनारे बैलों समेत खड़े हो गए थे।
बैल मालिक को लेकर खेत जुतवाने गए थे पिता पुत्र
जामुनका निवासी जान मुहम्मद के दो बीघे खेत इसी निर्माणाधीन मैरिज होम के बगल में हैं। वह अपने खेत की जुताई कराने के लिए गांव के शंकरलाल शर्मा को बैल और हल समेत ले गए थे। साथ में जान मुहम्मद का बेटा शाहरूख भी था। जुताई के दौरान बारिश से बचने के लिए इन तीनों ने जिस दीवार का सहारा लिया वही उनकी मौत का कारण बन गई।
दीवार पर कहीं नहीं थे पिलर
बताते हैं कि जिस निर्माणाधीन इमारत की दीवार के नीचे दबने से पिता-पुत्र समेत तीन की जान चली गई उस 100 फीट लंबी दीवार में साधारण पाए ही लगे थे। पिलर नहीं लगाए गए थे। दीवार के चारों ओर खाली जगह और खेत हैं। दीवार की लंबाई अधिक होने और बीच में सपोर्ट सिस्टम न होने से बारिश के बीच तूफान का दबाव दीवार झेल न सकी और गिर गई। हादसे के बाद चर्चा थी कि बगैर मानक और अनुमति के इमारत का निर्माण चल रहा था।
दीवार गिरने से मलबे में दबकर जामुनका गांव निवासी पिता-पुत्र समेत तीन लोगों की जान चली गई है। सिर्फ शंकरलाल शर्मा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पिता-पुत्र के शव को परिवार के कहने पर पंचनामा भरकर दे दिया गया है -
सीपी सिंह, चंडौस कोतवाल
आंधी-तूफान से चंडौस-गौमत मार्ग रहा बंद
बुधवार की शाम क्षेत्र में बारिश के साथ ही आए तूफान के चलते सैकड़ों की संख्या में पेड़ उखड़कर गिर गए। इससे चंडौस-गौमत मार्ग पूरी तरह जाम हो गया। आसपास के ग्रामीणों ने ट्रैक्टरों के जरिए टूटे पेड़ों को किनारे किया तब कहीं रात 9 बजे के करीब इस मार्ग पर आवागमन शुरू हो सका।