कोर्ट में स्कूल के अनुदेशक के जरिये किशोरी ने इशारों में बताया कि वह घर के बाहर खेल रही थी, तभी अशोक ने उसे इशारों में बुलाया और हाथ पकड़कर अपने घर ले गया। उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसे भगा दिया।
अलीगढ़ के इगलास क्षेत्र में दो वर्ष पहले मूकबधिर किशोरी से दुष्कर्म के दोषी अशोक उर्फ हेता को 20 साल की सजा सुनाई गई है। साथ में 20 हजार रुपये अर्थदंड भी नियत किया है। मिशन शक्ति अभियान के तहत यह निर्णय एडीजे विशेष पॉक्सो अभिषेक कुमार बगडि़या की अदालत ने सुनाया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार यह मुकदमा 21 जुलाई 2023 को दर्ज कराया गया। किशोरी के पिता ने कहा था कि उनकी 13 वर्षीय एक बेटी जन्म से ही मूकबधिर है। मुकदमा दर्ज कराने से आठ दिन पहले उनकी बेटी को चलने में परेशानी हो रही थी। तब उसका उपचार भी कराया गया था। तभी उसने इशारे में कहा था कि उसके साथ गलत काम हुआ है। उपचार के बाद जब वह घर आई, तब पूछने पर अशोक उर्फ हेता के घर के सामने ले जाकर कहा कि इसी व्यक्ति ने उसके साथ गलत काम किया है। इसी आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मेडिकल परीक्षण आदि की प्रक्रिया पूरी की। चार्जशीट के आधार पर न्यायालय में ट्रायल शुरू हुआ। साक्ष्यों व गवाही के आधार पर न्यायालय ने सजा सुनाई।
अनुदेशक के सहारे हुई किशोरी की गवाही
विशेष लोक अभियोजक एडीजीसी महेश सिंह के अनुसार मामले में विद्यालय की अनुदेशक के सहारे किशोरी की कोर्ट में गवाही हुई। साथ में उम्र 14 वर्ष होने का प्रमाणपत्र भी प्रस्तुत किया गया। अनुदेशक के जरिये किशोरी ने इशारों में बताया कि वह घर के बाहर खेल रही थी, तभी अशोक ने उसे इशारों में बुलाया और हाथ पकड़कर अपने घर ले गया। उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसे भगा दिया।