मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब किशोरी अपने मुख्य बयान से पलट गई थी। हालांकि, जब अभियोजन पक्ष ने उससे जिरह की, तो वह सच छिपा नहीं सकी और उसने पूरी घटना की पुष्टि कर दी।
किशोरी के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अलीगढ़ एडीजे पॉक्सो (प्रथम) अनिल कुमार की अदालत ने आरोपी जीतू उर्फ जितेंद्र को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माने की पूरी राशि पीड़िता को बतौर मुआवजा प्रदान की जाए।
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अतरौली थाना क्षेत्र के एक गांव की 11वीं की छात्रा आठ मई 2017 को संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने किशोरी को बरामद करने के बाद बुलंदशहर के डिबाई के गांव बामनी निवासी जीतू उर्फ जितेंद्र के खिलाफ दुष्कर्म और अपहरण की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब किशोरी अपने मुख्य बयान से पलट गई थी। हालांकि, जब अभियोजन पक्ष ने उससे जिरह की, तो वह सच छिपा नहीं सकी और उसने पूरी घटना की पुष्टि कर दी। किशोरी के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने जीतू को सजा सुनाई।