जहरीली शराब कांड में मुख्य आरोपियों में शामिल शराब माफिया ऋषि व मुनीष के परिवार को छोटी होली के दिन राहत भरी खबर मिली है। मुनीष की पत्नी को जमानत मिलने के बाद बृहस्पतिवार को जेल से रिहा कर दिया गया। बता दें कि यह परिवार इस बार खोटा त्योहार मना रहा है, क्योंकि इसी कांड में आरोपी ऋषि की पत्नी रेनू शर्मा की जेल में तबियत बिगड़ने पर मेडिकल पहुंचते-पहुंचते मौत हो गई थी।
28 मई की सुबह लोधा के करसुआ और जवां के छेरत से शुरू हुए शराब पीने से मौतों के क्रम में जब पुलिस ने चंद घंटों में जांच शुरू की तो अनिल चौधरी, ऋषि-मुनीष के नाम सामने आए। इस दौरान गिरफ्तारियां शुरू करते हुए पुलिस ने अन्य आरोपियों के साथ-साथ मुनीष की पत्नी ममता शर्मा को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस गिरफ्तारी के अनुसार छेरत वाले जिस ठेके से शराब पीने से आठ मौत हुई थीं। वह ठेका ममता शर्मा के नाम था। जिस समय गिरफ्तारी हुई। उस समय कुछ शराब ममता के घर से बरामद हुई। साथ में यह भी आरोप जांच में पाया कि ममता ने ठेके संबंधी दस्तावेज जलाकर नहर में फेंक दिए हैं। इसके अलावा आबकारी रिपोर्ट के अनुसार दूसरा मुकदमा सिविल लाइंस में दर्ज हुआ, जिसमें आरोप था कि बिना चरित्र सत्यापन के फर्जी तरीके से चरित्र प्रमाणपत्र लगाकर ठेका प्राप्त किया गया।
जून माह से ही जेल में निरुद्ध ममता शर्मा की पैरोकारी कर रहे अधिवक्ता योगेंद्र शर्मा लल्ला बाबू ने बताया कि उन्होंने सिविल लाइंस के मुकदमे में सत्र न्यायालय में अनुरोध किया कि कोविड के चलते नए सत्यापन नहीं हुए थे। 2019 के सत्यापन के आधार पर ही ठेका जारी हुआ था। इसी तरह जवां वाले मुकदमे में हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दायर की। दोनों जगह से जमानत मिलने पर रिहाई आदेश बुधवार देर शाम जेल में दाखिल किया गया। जिसके आधार पर बृहस्पतिवार को ममता को जेल से रिहा किया गया। इस रिहाई पर परिवार ने राहत महसूस की है। बता दें कि इस परिवार से ऋषि व मुनीष के अलावा उनका छोटा भाई कपिल, एक बेटा, दोनों की पत्नियां जेल गई थीं, जिनमें से रेनू की मौत हो गई। भाई कपिल पिछले दिनों रिहा हुआ था। अब ममता रिहा हुई हैं।