केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को बजट पेश करेंगी। चिकित्सा जगत को उनसे बहुत उम्मीद है। कोरोना लहरों को हम सभी ने करीब से अनुभव किया है। स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव भी खटका है।
डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ, आधुनिक तकनीक एवं उपकरण तथा अर्थाभाव में मरीजों को दम तोड़ते सभी ने देखा होगा। समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के लिए आयुष्मान योजना संचालित हो रही है, लेकिन क्या वह पूरी तरह कारगर है। धन के अभाव में गंभीर बीमारियों से जान बचाने के लिए जमीन, मकान एवं अन्य संपत्ति बिकने की दुखद कहानी सामने आती है।
संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए अस्पतालों में अलग वार्ड, विशेषज्ञ चिकित्सक, जांच सुविधाएं एवं पर्याप्त पैरा मेडिकल स्टाफ तक नहीं है। जनसंख्या तो बढ़ती जा रही है, लेकिन उसके हिसाब से सुविधाओं में इजाफा नहीं हो रहा है। चिकित्सकों की राय है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े परिवर्तन की जरूरत है। सबके लिए नि:शुल्क उपचार के तो इंतजाम होने ही चाहिए।
आज तक स्वास्थ्य क्षेत्र की उपेक्षा हुई है। स्वास्थ्य बजट बढ़ाकर 10 प्रतिशत कर देना चाहिए। ऐसा इंतजाम होना चाहिए कि उपचार एवं दवा के अभाव में किसी की जान न जाए। सभी के लिए सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क उपचार, जांच एवं दवा का इंतजाम होना चाहिए। आयुष्मान कार्ड पर्याप्त नहीं है।- डॉ. मो. कलीम खान, जेएन मेडिकल कॉलेज
टैक्स स्लैब पुन: निर्धारित होने चाहिए। आयकर दाता को कुछ ऐसी सुविधाएं मिलनी चाहिए कि कुछ अप्रत्याशित होने पर वह अपने आपको अकेला न समझे और सरकार उनके जीवन की सुरक्षा अपने हाथ में ले। स्वास्थ्य का बजट बढ़ना चाहिए। डॉक्टर के लिए ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था हो।- डॉ. भरत वार्ष्णेय, सचिव, आईएमए
स्वास्थ्य से संबंधित उपकरणों पर छूट मिलनी चाहिए। लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सिंगल विंडो कर देना चाहिए। इसके साथ ही 2013 यूपी प्रोटेक्शन एक्ट को सख्ती से लागू करने की जरूरत है। सरकार की डॉक्टर एवं हॉस्पिटल के लिए सकारात्मक सोच होनी चाहिए।- डॉ. मयंक मानि, फिजिशियन
मेडिकल उपकरणों पर टैक्स कम होना चाहिए, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सस्ती दर पर उपलब्ध हो सकें। इम्प्लांट और स्टेंट्स पर टैक्स नहीं लगना चाहिए। स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन बढ़ना चाहिए, जिससे लोग वहां काम करने के लिए प्रेरित हो सकें।- डॉ. ऋषभ गौतम, सचिव, प्राइवेट डॉक्टर्स एसोसिएशन
स्वस्थ नागरिक से ही स्वस्थ राष्ट्र का निर्माण होता है। सभी निरोग रहें, इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रयास होने चाहिए। स्वास्थ्य, शिक्षा एवं रक्षा सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र होते हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की जरूरत है ताकि सभी को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।- डॉ. रिंकल गुप्ता, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ
होम्योपैथी चिकित्सा को हमेशा नजरअंदाज किया गया है। एलोपैथी को छोड़कर अन्य पैथियों के साथ भी न्याय नहीं हुआ है। सभी पैथी के साथ न्याय हो तो कम खर्च पर जनता को अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं। होम्योपैथी चिकित्सा को बढ़ावा देने की जरूरत है।- डॉ. रजत सक्सेना, होम्योपैथी चिकित्सक
उद्यमी बोले....
डिफेंस कॉरिडोर में लखनऊ की तरह एक पब्लिक सेक्टर यूनिट लगनी चाहिए। अमेठी में एके 250 बनाने की फैक्टरी लग रही है। इससे लोकल वेंडर्स को फायदा मिलेगा। अलीगढ़ में पब्लिक सेक्टर यूनिट की स्थापना से बहुत सारे उद्योग को फायदा मिलेगा।- मनीष बंसल, सचिव, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
निर्यातकों को जीएसटी रिफंड टाइम से मिलना चाहिए। अलीगढ़ के ताला एवं हार्डवेयर उद्योग को भी टेक्सटाइल और सेमिकंडक्टर इंडस्ट्री की तर्ज पर प्रोडक्ट लिंक्ड इंसेंटिव स्क्रीम के अंतर्गत आना चाहिए। यहां के उद्योगों के विकास के लिए यह जरूरी है।- शलभ जिंदल, अध्यक्ष, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
डॉक्टर मोहम्मद कलीम खान।- फोटो : CITY OFFICE
डॉ. भरत वार्ष्णेय- फोटो : CITY OFFICE
डॉक्टर रिंकल गुप्ता- फोटो : CITY OFFICE