परिवहन निगम का मास्टर सर्वर हैक होने का असर अलीगढ़ परिक्षेत्र पर भी पड़ रहा है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग व एमएसटी सेवा बंद पड़ी हैं। जिससे अलीगढ़ रीजन में रोजाना करीब तीन लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
परिवहन निगम का 25 अप्रैल की रात को सर्वर हैक हो गया था। नौ दिन बाद भी काम पटरी पर नहीं लौटा। सर्वर हैक होने से सारी ऑनलाइन सेवाएं बंद हो गई। बस में भी परिचालक हाथ से बने हुए टिकट काट रहे हैं। जिससे यात्री और परिचालक दोनों परेशान हैं। इसके चलते करीब दस फीसदी परिचालक बीमारी या अन्य कोई बहाना बनाकर अवकाश पर जा रहे हैं।
अलीगढ़ रीजन में रोडवेज के सात डिपो हैं। जिसमें अलीगढ़, बुद्धविहार, अतरौली, नरौरा, एटा, कासगंज व हाथरस शामिल हैं। इन सात डिपो से करीब 68 हजार यात्री रोजाना सफर करते हैं। वहीं प्रतिदिन रोडवेज की औसत कमाई लगभग 85 लाख रुपये है। वर्तमान में सर्वर हैक होने से ऑनलाइन टिकट और एमएसटी सेवा ठप है। जिससे अलीगढ़ रीजन में रोडवेज को करीब 3 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। संवाद
रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी 80 बसें
रोडवेज आरएम सत्येंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि दिसंबर तक हर महीने मुख्यालय की ओर से 10 नई बसें रीजन को मिलेंगी। करीब 80 बसें रोडवेज के बेड़े में शामिल होंगी। जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी।
हाथ की टिकट काटने पर यात्री कर रहे शिकायत
हैलो सर, मुझे अपने कार्यालय से टिकट का भुगतान मिलता है। जो टिकट आपके परिचालक दे रहे हैं उस पर किराया ठीक से नहीं दिख रहा। ऐसे में कार्यालय से पैसा कैसे मिलेगा। सर्वर हैक होने के बाद से हजारों शिकायत अधिकारियों के पास ऐसी आ रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि सर्वर हैक होने से ईटीएम मशीन सुविधा ठप पड़ी है। इसके चलते बस में परिचालक यात्रियों को मैनुअल टिकट काट रहे हैं। काफी साल बाद हाथ का टिकट देख यात्री चौंक जाते हैं और इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से कर रहे हैं।
बोले अधिकारी
सर्वर हैक होने से करीब नौ दिन से ऑनलाइन सेवाएं ठप पड़ी हैं। परिचालक इटीएम मशीन की जगह हाथ से टिकट बना रहे हैं। यात्री कई तरह की शिकायतें कर रहे हैं। कुछ परिचालक अवकाश पर चले गए हैं। प्रतिदिन की औसत आमदनी पर असर पड़ा है।
सत्येंद्र कुमार वर्मा, आरएम, अलीगढ़ रीजन
एक नजर
-अलीगढ़ रीजन में सात डिपो शामिल हैं।
-रोजाना करीब 68 हजार यात्री करते हैं सफर।
-प्रतिदिन की औसत आय करीब 85 लाख रुपये।
-रीजन में करीब 700 से अधिक बसें। इसमें अनुबंधित बसें भी शामिल।