जांच में यह भी पता चला कि सिराज ने अप्रैल व मई माह में संजीव शर्मा के घर में कारपेंटर का काम किया था। उसकी फोटो से पहचान होने के बाद आसपास जब सीसीटीवी देखे गए तो वह एक ई रिक्शा में घटना से पहले संजीव के घर आते व घटना के बाद उन्हीं कपड़ों में दूसरे ई-रिक्शा में जाते कैद पाया गया। उसके साथ वाले युवक की पहचान मुजम्मिल के रूप में हुई। दोनों घर में नकाब बांधकर घुसे थे।
इस घटना में दोनों आरोपी सीसीटीवी में कैद होने व पहने हुए कपड़ों से पहचाने जाने के आधार पर रडार में आए। दोनों को टीम ने दिल्ली में हिरासत में ले लिया है। अलीगढ़ लाया गया। उनसे माल भी मिला है। – नीरज जादौन, एसएसपी
परिवार की एक लड़की से होती थी सिराज की बातचीत
सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी उजागर हुआ है कि जिस परिवार में लूट हुई, उसी परिवार की एक लड़की से उनके घर में काम करने के दौरान सिराज की बातचीत शुरू हो गई थी। उसी लड़की की मदद से बातचीत में सिराज को माल होने की जानकारी मिली। इसके बाद सिराज ने अपने दोस्त की मदद से इस लूट को अंजाम देना तय किया और लड़की को बरगलाकर मुखबिरी के लिए तैयार कर लिया।