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सीमा को बसपा फिर बना सकती है फतेहपुर सीकरी से प्रत्याशी, रामवीर बोले- कार्यकर्ता बना रहे दबाव

Sun, 24 Mar 2019 09:08 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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सीमा उपाध्याय और उनके पति पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय - फोटो : फाइल फोटो
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अब नामांकन में महज दो दिन शेष हैं तो ऐसे में पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय के बारे में रविवार को फिर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चाएं जोरों पर रहीं कि फतेहपुर सीकरी से बसपा फिर से उन्हें चुनाव मैदान में उतार सकती है। इस चर्चा के पीछे मुख्य कारण यह रहा कि वहां बसपा प्रत्याशी को पार्टी में अंदरखाने विरोध झेलना पड़ रहा है और साथ ही वहां कांग्रेस ने राज बब्बर को मैदान में उतार दिया है। इस मामले में जब पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इस बार उनकी योजना यह है कि वह और सीमा उपाध्याय चुनाव लड़ेंगे नहीं, बल्कि लड़ाएंगे, फिर भी बहन जी का आदेश सर्वोपरि है, जिसे वह टाल नही सकते। उन्होंने यह भी बताया कि फतेहपुर सीकरी में पार्टी के काफी कार्यकर्ता इस जिद पर अड़े हैं कि सीमा वहां से चुनाव लड़ें। 

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उल्लेखनीय है कि बसपा ने वर्ष 2009 में फतेहपुर सीकरी संसदीय क्षेत्र से तत्कालीन ऊर्जा मंत्री और बसपा के कद्दावर नेता रामवीर उपाध्याय की पत्नी सीमा उपाध्याय को चुनाव लड़ाया। उन्होंने वहां सिने स्टार राज बब्बर को हराकर जीत हासिल कर ली। उसके बाद वर्ष 2014 का चुनाव भी वह फतेहपुर सीकरी से लड़ीं, लेकिन वह चुनाव हार गईं। तदुपरांत इस बार वर्ष 2019 के चुनाव में बसपा ने उन्हें फिर प्रत्याशी बनाया, लेकिन पिछले दिनों उन्होंने यह घोषणा कर दी कि वह इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगी। तब सियासी हलकों में यह चर्चा रही कि रामवीर और सीमा बसपा छोड़ सकते हैं या फिर अलीगढ़ से चुनाव लड़ सकते हैं। 

रामवीर ने इसे महज अफवाह बताया था। उन्होंने कहा था कि वह पार्टी छोड़ने की सोच भी नहीं सकते और बसपा से सीमा ने कभी अलीगढ़ सीट से दावेदारी नहीं की। उनका यह कहना था कि फतेहपुर सीकरी से कुछ व्यक्तिगत कारणों के चलते सीमा इस बार चुनाव नहीं लड़ रही। यह बारे में सीमा और उन्होंने पार्टी सुप्रीमो बहन जी से अनुरोध किया था। इसे बहन जी ने स्वीकार कर लिया। इस बार वह चुनाव लड़ेंगे नहीं, बल्कि लड़ाएंगे। इधर, सीमा उपाध्याय द्वारा फतेहपुर सीकरी से चुनाव न लड़ने की घोषणा के बाद फतेहपुर सीकरी से बसपा ने राजवीर सिंह को प्रत्याशी के रूप में उतार दिया। सूत्रों की मानें तो वहां राजवीर सिंह का विरोध हो रहा है।
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इधर, राज बब्बर को पहले तो कांग्रेस ने मुरादाबाद से प्रत्याशी बनाया था, लेकिन दो दिन पहले राज बब्बर को फिर से फतेहपुर सीकरी से प्रत्याशी घोषित कर दिया। अब राजनीतिक गलियारों में पूरे दिन यह चर्चा रही कि बसपा फतेहपुर सीकरी पर अपना प्रत्याशी बदल सकती है और ऐन वक्त पर फिर से सीमा को वहां से उतार सकती हैं। सोशल मीडिया व कुछ न्यूज चैनल पर भी ऐसी खबरें चलीं। इसे लेकर रामवीर उपाध्याय का कहना था कि फतेहपुर सीकरी में कार्यकर्ता बेहद दबाव बना रहे हैं कि सीमा ही वहां से चुनाव लड़ें, लेकिन सीमा इस बार कहीं से चुनाव नहीं लड़ना चाहतीं, फिर भी बहन जी का आदेश सर्वोपरि है। उसे टाला नहीं जा सकता। यदि बहन जी आदेश देंगी तो उसका पालन किया जाएगा।

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