राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 13 अगस्त को दीवानी, कलेक्ट्रेट एवं तहसील मुख्यालयों पर लोक अदालतें आयोजित होंगी। बुधवार को जिला जज डॉ. बब्बू सारंग की अध्यक्षता में विभिन्न विभागीय अधिकारियों की बैठक में इस बाबत चर्चा हुई। जिला जज ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से किसी भी न्यायालय अथवा विभागीय मामलों को सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कराया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में पक्षकार स्वयं उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। लोक अदालत में फौजदारी मामले, दीवानी भरण पोषण, मोटर अधिनियम, मोटर दुर्घटना प्रतिक, उपभोक्ता फोरम, किरायेदारी, चेक बाउंस से संबंधित मामले, बैंक लोन, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, बिजली चोरी से संबंधित शमनीय, वन अधिनियम, पुलिस अधिनियम, वैवाहिक एवं पारिवारिक मामलों का भी निस्तारण सुलह- समझौते के आधार पर किया जा सकता है।
ऐसे पारिवारिक मामलों जो किसी न्यायालय में लंबित नही है, प्री-लिटिगेशन स्तर पर पक्षकार द्वारा प्रार्थना पत्र देकर सुलह -समझौते से निस्तारित कराया जा सकता है। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों और न्यायालयों से अधिक से अधिक मामलों को निस्तारित किए जाने को निर्देशित किया। कहा कि विभागीय अधिकारी ध्यान रखें कि निस्तारित मामलों में शमन राशि की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित कराई जाए। प्राधिकरण के सचिव महेंद्र कुमार ने बताया कि लोक अदालत में 67,321 वादों का विभिन्न न्यायालयों के माध्यम से निस्तारण किया जाएगा। यहां पुलिस अधीक्षक यातायात मुकेश चंद्र उत्तम समेत विद्युत, श्रम, नगर निगम, सूचना, नारकोटिक्स, परिवहन विभाग आदि से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।