कोरोना वायरस के कारण हुए लॉकडाउन के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों से मजदूरों का पलायन जारी है। हाईवे बाईपास और जीटी रोड के हालात देख नहीं लगता कि यहां कोई लॉकडाउन है। गरमी, भूख प्यास और पैदल चलने की थकान इन मजदूरों को परेशान कर रही है। जिनके साथ छोटे बच्चे हैं उनकी हालात और भी खराब है। कई किमी पैदल चलने के कारण इनके पैरों में छाले पड़ गए हैं तो कई के पैर सूज गए हैं। महिलाओं की स्थिति भी खराब है। इनका सब्र टूट रहा है। अगर, जल्द ही प्रशासन ने इनको वाहन मुहैया नहीं कराए तो सड़कों पर मारामारी की स्थिति हो सकती है। यदि हाईवे पर आगरा व इटावा जाने के लिए कोई वाहन दिखता है तो उनके चेहरे पर चमक आ जाती है, लेकिन पहले से ठसाठस इन वाहनों में लोग जान जोखिम में डालकर सवार हो रहे हैं। हालांकि, पुलिस भी सड़कों पर ट्रक, डंपर, लोडर आदि गाड़ियों को रोक रही है और मुसाफिरों को इन वाहनों में बैठा रही है।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे अमर उजाला टीम को दिल्ली हाईवे स्थित खेरेश्वर चौराहे पर हजारों की संख्या में लोग खड़े मिले। इस दौरान पुलिस वहां से गुजरने वाले वाहनों को रोक रही थी और यात्रियों को बुलाकर उनमें बैठा रही थी। आगरा के एक ट्रक में तो इलाहाबाद, बस्ती, गोंडा के मुसाफिरों को चढ़ाया, जबकि मुरादाबाद, बरेली, बदायूं जाने वाले यात्रियों को कासगंज वाले लोडर में बैठाया। इस दौरान पुलिस लोगों से दूर-दूर रहने की अपील भी करती रही, लेकिन वाहन पकड़ने की जल्दी में लोग सब भूल गए। जैसे ही वाहन आता, वैसे ही चढ़ने के लिए भीड़ लग जाती।
पुलिस नेे डलवाया पेट्रोल
खेरेश्वर चौराहे पर परेशान इटावा के यात्रियों को ले जाने के लिए एक लोडर चालक तैयार हो गया तो पुलिस ने उसकी गाड़ी में पेट्रोल डलवाने की व्यवस्था की। खेरेश्वर चौराहे के पास वाले पेट्रोल पंप पर दोपहर लगभग 12 बजे पेट्रोल दिया जा रहा था। जब अमर उजाला रिपोर्टर ने पूछा कि 11 बजे के बाद पेट्रोल क्यों दे रहे हो। इस पर पेट्रोल पंप संचालक ने बताया कि चौकी इंचार्ज का फोन आया है कि इस गाड़ी को पेट्रोल दे दिया जाए। ताकि इटावा तक सवारियां चली जाएंगी।
रोडवेज ने 65 बसों का इंतजाम किया
पैदल मुसाफिरों को यथासंभव जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज ने 65 बसों का इंतजाम किया है। इसमें 15 बसें खैर और टप्पल में लगाई गई हैं। ये मुसाफिरों को खेरेश्वर चौराहे पर लेकर आ रही हैं। वहीं 40 बसें लोनी व गाजियाबाद के लिए लगाई गई हैं। यहां से अलीगढ़, एटा, कासगंज के यात्रियों को लाया जा रहा है। 30 बसें अलीगढ़ से एटा, कासगंज छोड़ने के लिए लगाई गई हैं। साथ ही खेरेश्वर चौराहे पर तैनात लोधा पुलिस ने भी लोकल वाहनों का इंतजाम किया है।
जगह-जगह लगे लंगर, शहर वाले दे रहे खाना
जीटी रोड से शहर के अंदर से एटा की ओर जाने वालों को शहर के कई प्रबुद्ध लोगों ने पूड़ी सब्जी, बिस्किट, कचौड़ी के पैकेट और पानी की बोतलें बांटीं। छोटे बच्चों के लिए कुछ लोगों ने दूध का इंतजाम किया। सुबह कई लोगों ने इन मुसाफिरों को चाय भी पिलवाई। मजदूरों के साथ चल रही उनकी पत्नियों ने कहा कि अगर प्रशासन सुबह 7 से 11 बजे तक किराना की दुकानें खुलवा सकता है तो खाने पीने के कुछ होटल भी खोले जा सकते हैं जहां कम से कम बच्चों को दूध मिल सके। कोरोना से पहले ही हजारों लोग भूख से मर जाएंगे। जिनके पास रास्ते में कुछ भी खाने के लिए नहीं है। जो खाना लेकर चले थे, वो एक दिन में ही खत्म हो गया। जो बचा था वो गर्मी के कारण खराब हो गया। अब वो खराब खाना खाएं तो भी बीमार होंगे।