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Aligarh: एएमयू से मुरादाबाद तक खंगाले जा रहे शिक्षक की हत्या के तार, शक की सुई घूम रही इस ओर

Fri, 26 Dec 2025 11:20 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

पुलिस को एएमयू से अभी तक कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इससे यह साफ हुआ है कि गाली देकर गोली मारने व पहचानने की बात कहने वाले ने दानिश के गिरने के बाद अपने चेहरे से नकाब हटाया है।
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शिक्षक रॉव दानिश अली हत्या की जांच पर लगी पुलिस - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एबीके बॉयज स्कूल के कंप्यूटर शिक्षक राव दानिश अली (45) की हत्या क्यों व किसने की यह सवाल 24 घंटे बाद भी अनुत्तरित है। जिस तरह से दानिश पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं, उससे साफ है कि दानिश के प्रति बदमाशों के मन में कोई गहरी खुन्नस थी। इसकी वजह तलाशने के लिए पुलिस एएमयू से लेकर मुरादाबाद तक पुराने विवादों की जानकारी कर रही है।

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दानिश के छोटे भाई एएमयू इंजीनियरिंग कॉलेज के शिक्षक राव फराज अली ने इस संबंध में अज्ञात बदमाशों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।मूल रूप से बुलंदशहर डिबाई और वर्तमान में अमीर निशा सिविल लाइंस में रह रहे राव दानिश अली एबीके बॉयज स्कूल में कंप्यूटर शिक्षक थे। बुधवार रात 08.45 बजे वह रोजाना की तरह एएमयू लाइब्रेरी कैंटीन परिसर में अपने साथी इमरान व भोलू संग टहल रहे थे। इस दौरान स्कूटी सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। बता दें कि दानिश की मां एएमयू में शिक्षिका रही हैं। पिता एएमयूकर्मी रहे हैं। ससुर मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा से विधायक रहे हैं। हत्या की खबर पर ससुराल पक्ष से मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा के पूर्व विधायक उनके ससुर डॉ. मोहम्मद उल्लाह चौधरी का परिवार भी यहां पहुंच गया था।

एएमयू शिक्षक की हत्या को लेकर अभी कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। परिवार ने अज्ञात में रिपोर्ट कराई है। हमारी तीन टीमें खुलासे के लिए हर विवाद पर सुराग तलाश रही हैं। सीसीटीवी से लेकर सर्विलांस व मुखबिरी तक का सहारा लिया जा रहा है। जल्द खुलासा किया जाएगा। - मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी

पांच गोलियां मारीं.. चार सिर में, एक कंधे के पास बाजू में लगी

हत्या की सूचना पर जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंची एएमयू की वीसी प्रोफेसर नईमा खातून - फोटो : संवाद
दो बजे रात से तड़के चार बजे तक चले पोस्टमार्टम में उजागर हुआ है कि चार गोलियां तो दानिश के सिर में ही लगी थीं। पांचवीं गोली दाएं कंधे के पास बाजू में लगी। इनमें से सिर्फ की एक गोली सिर में फंसी मिली है, जिसके लिए शव का एक्सरे कराया गया, बाकी सभी गोलियां आरपार निकली हैं। सिरे में मिली गोली .32 बोर की है। इसे संरक्षित कर पुलिस को दे दिया गया है।

जनाजे में उमड़ी भीड़, परिवार में कोहराम
पोस्टमार्टम के बाद 25 दिसंबर तड़के शव घर पहुंचा। मां, बाप, भाई के अलावा पत्नी व दो बच्चों शाद व मास का हाल बेहाल था। उन्हें परिवार व मोहल्ले के लोग किसी तरह संभालने का प्रयास कर रहे थे। दिन में परिवार, समर्थकों, परिचितों व एएमयू कर्मियों की भारी भीड़ के बीच शव को एएमयू कब्रिस्तान में दफन किया गया। सुबह से ही दानिश के घर भीड़ उमड़ रही थी। सियासी, सामाजिक व एएमयू से जुड़े लोग जमा होने लगे थे। दोपहर में अमीर निशा स्थित घर से जनाजा एएमयू कब्रिस्तान के लिए निकला तो इसमें भारी भीड़ शामिल रही।

उमरा पर गई बहन वापस आई
दानिश की हत्या की खबर जब मिली तो दानिश की बहन कतर स्थित ससुराल से उमरा पर गई हुई थी। वह खबर पाकर वापस चली आई, हालांकि, आखिरी बार अपने भाई का चेहरा नहीं देख सकी। उनके पहुंचने से पहले पहले शव दफन कर दिया गया।

दुस्साहस..गाली देकर गोली मारने वाले ने चेहरा भी खोला

जांच करते पुलिस अधिकारी - फोटो : संवाद
पुलिस को एएमयू से अभी तक कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इससे यह साफ हुआ है कि गाली देकर गोली मारने व पहचानने की बात कहने वाले ने दानिश के गिरने के बाद अपने चेहरे से नकाब हटाया है। मौत होने की पुष्टि होने तक बदमाश खड़े रहे और गोलियां चलाते रहे। उसके बाद ही बदमाश स्कूटी पर सवार होकर जमालपुर की ओर भागे हैं।

अंधेरा व सीसीटीवी से दूरी होने के कारण चेहरा पहचानने में नहीं आ रहा। सीसीटीवी कैमरों में दर्ज आवाज में घटना स्थल पर नौ राउंड फायरिंग की पुष्टि हुई है। नौ खोखे भी मिले हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक मिले फुटेज से साफ हुआ है कि बदमाश जब हत्या करने आए तो उन्होंने दानिश के बगल में आकर गोली मारते हुए गाली देकर पहचानने की बात कही। पहले कुछ कदम दानिश भागा। फिर उसके गिरने पर एक बदमाश ने अपना नकाब हटाया है। इसके बाद ताबड़तोड़ नौ राउंड फायर किए, पांच गोलियां दानिश को मारी गईं। पुलिस का मानना है कि मारने वाला पहले से दानिश को जानता था। उसने लोगों से बचने के लिए खुद का चेहरा बांधा था। साथियों के भागने व दानिश के गिरने पर अपना चेहरा खोला। इसके बाद भाग गया। वहीं उसके साथियों ने भी भागकर खुद को बचाया है।

एएमयू कैंटीन बंद.. आने-जाने वालों की हुई चेकिंग
एएमयू एबीके यूनियन स्कूल के शिक्षक दानिश की हत्या किसने किस वजह से की यह विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार को भी चर्चा का विषय रहा। हत्या के दूसरे दिन एएमयू कैंटीन बंद रही। वहां सन्नाटा पसरा रहा। वहीं, एएमयू में सुरक्षा पर सवाल खड़ा होने पर इंतजामिया ने दिन भर सख्त पहरा रखते हुए हर तरफ आने जाने वालों की चेकिंग की।

एएमयू में इस तरह की आपराधिक गतिविधियां समय-समय पर होती रहती हैं। इसे लेकर सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े होते हैं। बृहस्पतिवार को दिन भर एएमयू के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों पर वाहनों से आने जाने वालों की चेकिंग के साथ आई कार्ड तक चेक किए गए। वहीं परिसर में इस बात की चर्चा रही कि एक दशक पहले तक एएमयू की छात्र राजनीति में सक्रिय रहे दानिश की किसने किस वजह से हत्या की होगी। वहीं उसका छोटा भाई भी एएमयू छात्रसंघ का उपाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ चुका है।
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अपराधी की मुखबिरी पर हत्या का अंदेशा

घटनास्थल का निरीक्षण करते एसएसपी नीरज कुमार जादौन - फोटो : संवाद
अब तक की जांच में पुलिस को एएमयू में किसी छात्र गुट से किसी विवाद, कोई जमीनी रंजिश या एएमयू में सक्रिय किसी अपराधी की मुखबिरी करने पर हत्या का अंदेशा भी जताया रहा है। इसके अलावा पारिवारिक सहित अन्य कई पहलुओं पर भी पुलिस जांच कर रही है। इस हत्या के लिए कुछ दिन से रेकी करने का अनुमान है। साथ में इस इलाके के हाल में जेल से छूटे कुछ अपराधियों का विवरण भी जुटाया जा रहा है। 

मुनीर ग्रुप के शूटर हाल में छूटे
इस हत्या में अभी कोई सुराग तो हाथ नहीं लगा। इतना जरूर है कि एएमयू में सक्रिय रहे पश्चिमी यूपी के कुख्यात शूटर मुनीर ग्रुप के कुछ शूटर हाल के दिनों में जेल से छूटे हैं, जो एएमयू में भी सक्रिय रहते हैं। पूर्व में भी वे एएमयू के आसपास इलाकों में हत्या कर चुके हैं। एक टीम उन पर भी काम कर रही है।
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