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Aligarh: ट्रांसफाॅर्मर का जंपर जोड़ रहे लाइनमैन की करंट से मौत, शटडाउन- लॉग सीट पर उठ रहे सवाल

Sun, 22 Dec 2024 03:38 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

विद्युत उपकेन्द्र लोधा पर 17 दिसम्बर को लॉग सीट भर गयी थी। बिना लॉग सीट के चार दिनों से अधिकारी व कर्मचारी कार्य कर रहे थे। जबकि लॉगसीट पर हर घंटे ट्रांसफार्मर का तापमान और फीडर की रीडिंग नोट किया जाता है। लॉक सीट पर ही शटडाउन लेने की भी प्रक्रिया होती है।
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मृतक लाइनमैन मुन्ना लाल - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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अलीगढ़ में लोधा ब्लाॅक के गांव हरिदासपुर में 21 दिसंबर दोपहर सवा तीन बजे के करीब ट्रांसफाॅर्मर पर जंपर जोड़ते समय अचानक करंट आने से लाइनमैन गंभीर रूप से झुलस गया। आननफानन उसे जेएन मेडिकल काॅलेज पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर नगर निगम के अधिकारी पहुंच गए। घटना के बाद परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बिजली की लाइन का शटडाउन लेने के बाद भी करंट कैसे आया, इसकी जांच की जाएगी।

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थाना रोरावर ग्राम अमरपुर कोंडला निवासी मुन्ना लाल (50) कई वर्षों से लोधा बिजली घर पर लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे। 21 दिसंबर को हरदासपुर से एक फेस बिजली न आने की शिकायत आई। बिजली घर से लाइनमैन मुन्नालाल अपने एक सहकर्मी के साथ उसे सही करने पहुंच गए। वहां पहुंच कर उन्होंने शटडाउन लिया और ट्रांसफाॅर्मर पर चढ़ कर जंपर जोड़ना शुरू कर दिया। इसी दौरान अचानक 11 हजार की लाइन में करंट दौड़ गया। करंट लगने से लाइनमैन गंभीर रूप से झुलस कर ट्रांसफाॅर्मर में चिपक गया। 
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आननफानन उसे गोल्डन हास्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां हालत गंभीर देखते हुए चिकित्सक ने जेएन मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया। मेडिकल काॅलेज में मुन्ना लाल को चेकअप के दौरान ही चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर एक्सईएन कैलाश चंद्र, एसडीओ सौरभ, जेई संतोष कुमार आदि मौजूद पर पहुंच गए।

लोधा बिजली घर पर तैनात लाइनमैन मुन्नालाल की करंट से मौत हो गई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिवार को ढांढस बंधाया गया है। मृतक के परिजनों को मुआवजा दिलाया जाएगा। शटडाउन लेने के बाद भी करंट कैसे आया। इसकी जांच की जाएगी।-कैलाश चंद्र, एक्सईएन डिवीजन ग्रामीण प्रथम।

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लोधा बिजली घर पर नहीं रखा जा रहा था सप्लाई का कोई रिकार्ड

हादसे में बिजली निगम के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही प्रथम दृष्टया सामने आ रही है। बिना लॉग सीट के बिजली घर चल रहा था। जबकि इसी लॉग सीट पर उपभोक्ताओं को दी जाने वाली बिजली का पूरा लेखा-जोखा रहता है। साथ ही शटडाउन की पूरी प्रक्रिया होती है।

विद्युत उपकेन्द्र लोधा पर 17 दिसम्बर को लॉग सीट भर गयी थी। बिना लॉग सीट के चार दिनों से अधिकारी व कर्मचारी कार्य कर रहे थे। जबकि लॉगसीट पर हर घंटे ट्रांसफार्मर का तापमान और फीडर की रीडिंग नोट किया जाता है। लॉक सीट पर ही शटडाउन लेने की भी प्रक्रिया होती है। इसकी पूरी जिम्मेदारी जेई की होती है। जेई ने लॉग सीट विद्युत उपकेन्द्र लोधा पर नहीं मंगवायी। बिना लॉग सीट के बिजली कर्म चारी काम रहे थे। शटडाउन लॉक सीट में दर्ज होता है। अगर यह लॉग सीट होता तो हो सकता है कि यह घटना नहीं घटती? लॉकसीट नहीं होने की जानकारी मिलती ही बिजली अधिकारी उपकेंद्र की ओर दौड़ पड़े। शाम को पांच बजे नई लॉग सीट मंगाई गई। अधिशासी अभियंता कैलाश चंद्र ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है।

घर में मचा कोहराम, कर्मियों में आक्रोश
लाइनमैन की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिवार के लोग अस्पताल पहुंच गए। वहीं कर्मचारियों में इस घटना को लेकर रोष व्याप्त है। मृतक ने अपने पीछे तीन बेटे, दो बेटी व पत्नी छोड़ गए। बताया गया कि किसी भी बच्चे की अभी तक शादी नहीं हुई है। पोस्ट मार्टम हाउस में देरशाम भारी संख्या में लोग जुटे रहे।
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