अलीगढ़ में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ कर 24 हो गई है। जहां कोरोना मरीज मिले उन इलाकों को प्रशासन ने हाटस्पॉट और रेडजोन घोषित किया है। हाटस्पॉट और रेड जोन के आसपास के इलाकों की महिलाएं जनधन खातों से 500 रुपये लेने के लिए पूरे शहर में घूम रही हैं। दरअसल, हाटस्पॉट इलाकों में बैंक मित्र सेवा बंद होने के बाद से इन महिलाओं की लंबी लाइन बैंक शाखाओं में लग रही है। ये महिलाएं सुबह छह बजे से लाइन लगा रही हैं।
सोमवार को कंपनीबाग चौराहे के पास स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के बाहर भुजपुरा, जंगलगढ़ी, बारौला जाफराबाद, डोरीनगर, नगला कलार सहित कई मोहल्लों की महिलाएं लाइन में लगी मिलीं। दोपहर 12 बजे के करीब लगभग 30 डिग्री के तापमान ये महिलाएं सड़क पर 200 मीटर लंबी लाइन लगाए थीं। सभी लगभग एक मीटर की दूरी ईंटों पर बैठ कर चूने के गोले के अंदर थीं। इस सोशल डिस्टेंसिंग के बीच भी कई बार वह बिल्कुल एक दूसरे के करीब आ जाती थीं। इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग भी सार्थक नहीं हो पा रही थी। बैंक के गेट पर एक साथ तकरीबन 7 से 8 महिलाएं मौजूद थीं। बैंक के कर्मी और पुलिस वाले उनको दूर खड़े होने को कह रहे थे, लेकिन सुबह से इंतजार कर रहीं महिलाएं थक गई थीं। लाइन बैंक के गेट से 200 मीटर दूर बस स्टैंड के चामुंडा मंदिर तक थी। इन महिलाओं को अगर बैंकिंग सुविधा उनके निकटवर्ती बैंकों में मिलती तो वह शायद इतनी दूर दूसरे बैंक में चक्कर नहीं लगाती। ऐसे में लॉकडाउन, रेड जोन, हाटस्पॉट, सोशल डिस्टेंसिंग कितना असरदार होगा, यह आसानी से समझा जा सकता है। अकेले कंपनी बाग बैंक ऑफ बड़ौदा ही नहीं सासनीगेट ·¤è Õñ´·¤ àææ¹¥æð´ ·¤æ भी यही आलम है।
भुजपुरा इलाके में जनधन योजना के 15 हजार खाते हैं। वहां दो बैंक मित्र लगे थे, लेकिन हाटस्पॉट घोषित होने के बाद बैंक मित्र सेवा बंद हो गई है। इसलिए पूरी भीड़ शाखा पर आ रही है। हमारा काम उनको पैसा देना है दे रहे हैं।
-देवकांत, प्रबंधक, बैंक ऑफ बड़ौदा कंपनीबाग।
जनधन योजना से 500 रुपये लेने के लिए लाइन में लगे हैं। इससे पहले भी दो बार लौट गई। पैसा नहीं मिला। अब एक बार फिर से लाइन में लगी हूं।
-कश्मीरी, निवासी भुजपुरा।
जनधन योजना से 500 रुपये लेने के लिए लाइन में लगी हूं। सुबह आठ बजे आई थी, तभी से लाइन में लगी हूं। कोई बताता नहीं कि कितना समय लगेगा।
-गंगाश्री, निवासी भुजपुरा नगला आशिक अली।
मेरा जन धन खाता नहीं है। खाता खुलवाने के लिए घूम रही हूं। कागजों में कमी बता कर बैंक वाले चलता कर देते हैं। हमारा खाता खुल जाए तो हमें भी पैसा मिल जाता।
-फीरोजा, निवासी भुजपुरा बिहारी कालोनी।
हम सुबह से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। बैंक में पैसा निकालने आए थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इतनी देर इंतजार करने में तबियत भी खराब हो रही है।
-मुनेश कुमार निवासी बरौला जाफराबाद।
मेरी पत्नी की रसोई गैस की सब्सिडी नहीं आ रही है। वही चेक कराने आया था, लेकिन चार घंटे में भी नंबर नहीं आया है। बैंक में अंदर कर्मी पूरी बात नहीं सुनते हैं।
-रवि कुमार निवासी नगला कलार।