कोरोना वायरस के संक्रमण ने आज कई हंसी-खेलती जिंदगियों को बर्बाद कर दिया। कई ने इस महामारी से अपनों को हमेशा के लिए खो दिया तो कइयों ने रोजगार गंवा दिए। लेकिन इन सब के बीच कई ऐसे लोग भी सामने आए जिन्होंने मानव कल्याण के लिए सराहनीय कार्य किए। इनमें से ही एक हैं तनुज पटेल। इन्होंने अपने एनजीओ रूट्स फाउंडेशन के जरिए कई जरूरतमंदों की मदद की।
दो साल से अधिक समय हो गया है कि भारत कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। इस लड़ाई में तनुज पटेल ने लोगों को बचाने और इस वायरस से लड़ने की पैरवी की है। उन्होंने कोरोना से प्रभावित लोगों को दैनिक भोजन सेवा प्रदान किया। यहां तक कि उन्होंने 17000 से अधिक मजदूरों की सुरक्षित यात्रा के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था करते हुए उनके गृहनगर आने में मदद की। निःशुल्क क्लीनिकल चेकअप कैंप का आयोजन किया, मास्क बांटे और गांवों में सैनिटाइजिंग अभियान चलाया। उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्ड यूके द्वारा 2020 का पुरस्कार और टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा टाइम्स गुजरात आइकन पुरस्कार मिला।
कोरोना पीड़ितों के अलावा तनुज के एनजीओ ने छात्रों की भी मदद की। ऑनलाइन पढ़ाई के लिए टेबलेट और मोबाइल फोन उपलब्ध कराए। इसके अलावा तनुज को एक विकलांग व्यक्ति के बारे में पता चला, जिसकी तिपहिया साइकिल पुरानी और कबाड़ से खराब हो गई थी, तो उन्होंने उसे एक नई तिपहिया से चकित कर दिया। उन्होंने हाल ही में एक विकलांग व्यक्ति को ऑर्थोसिस भी प्रदान किया था।
तनुज पटेल के साथ काम करने वाले लोगों ने बताया कि जिस तरह से फिल्म अभिनेता सोनू सूद से लोग सोशल मीडिया के जरिए मदद मांगते हैं वैसे इनसे भी लोग मदद मांगते हैं और तनुज उनकी मांग पूरी करने हर संभव कोशिश करते हैं।
तनुज पटेल ने बताया कि मेरे आदर्श सोनू सूद हैं, उन्होंने देश के लिए जो काम किया है वो बहुत बड़ा है। मैं उनके कामों को देखता हूं तो मुझे प्रेरणा मिलती है और इसी तरह मैं भी जरूरतमंद परिवारों के लिए मदद का हाथ बढ़ता हूं।