हल्के कोरोना संक्रमण एवम बिना लक्षण वाले कोरोना पॉजिटिव मरीज अब अपनी इच्छा अनुसार होम क्वारन्टीन हो सकते हैं। यही नहीं सरकारी अस्पतालों के बजाए प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराने के इच्छुक मरीज भी प्रशासन को सूचना देकर भर्ती हो सकते हैं। सरकारी अस्पतालों में बढ़ती कोरोना पॉजिटिव मरीजों की भीड़ के दृष्टिगत सरकार ने कोरोना नियमावली में बदलाव किए हैं। कोरोना मामलों के नोडल अफसर एवं सीडीओ अनुनय झा ने बताया कि आमतौर पर लो रिस्क मरीजों को एल 1 अस्पतालों में भर्ती कराया जाता है।
नई गाइडलाइन के अनुसार हल्के संक्रमित एवं ए सिंक्रमेटिक मरीजों को उनकी इच्छा के अनुसार होम क्वारन्टीन किया जा सकता है। बशर्ते उनके घर में अलग कमरा, लेट्रिन बाथरूम एवं खाने का इंतजाम अलग हो। क्वारन्टीन अवधि में वह अपने परिजनों से अलग रह सके, इन सभी बिंदुओं की पड़ताल के बाद मरीज को होम क्वारन्टीन होने की छूट मिल सकतीहै। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों के बजाय निजी अस्पतालों में अपना इलाज कराने के इच्छुक कोरोना पॉजिटिव लोग भी प्रशासन को सूचना देकर निजी अस्पताल में अपना इलाज करा सकते हैं।