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Aligarh News: 15 साल बाद आया फैसला, ट्रक चालक की हत्या व लूट में दो को उम्रकैद, यह है मामला

Sat, 18 May 2024 09:49 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

घटना 15 जुलाई 2009 की है। रास्ते में ट्रक में सात-आठ सवारी बिठाईं। जिनमें से एक सवारी छत पर क्लीनर संग बैठी थी। रास्ते में थाना अरनियां को पार करते ही ऊंचा गांव के पास दो सवारियों ने तमंचे निकालकर ट्रक को अलीगढ़ वापस ले चलने के लिए कहा। चालक के विरोध पर उसको गोली मार दी।
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दीवानी कचहरी में सजा होने के बाद आरोपी को जेल ले जाते पुलिस - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ के गभाना क्षेत्र में पंद्रह वर्ष पूर्व ट्रक चालक की हत्या कर लूट के मामले में दो अपराधियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ में अर्थदंड भी नियत किया है। यह फैसला एडीजे आठ अभिषेक कुमार बगड़िया की अदालत ने सुनाया है। इस मुकदमे में तीन दिन पहले दोनों को दोषी करार दिया गया था।

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अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी कुलदीप सिंह तोमर के अनुसार घटना 15 जुलाई 2009 की है। वादी मुकदमा रामदास निवासी गांव विजयपुरा, थाना मरसैना, फिरोजाबाद के अनुसार वह चालक भगवान दास निवासी शंभू नगर शिकोहाबाद फिरोजाबाद के साथ आगरा व हाथरस से परचून का सामान लादकर गाजियाबाद जा रहे थे। छत पर क्लीनर बैठा था। रास्ते में ट्रक में सात-आठ सवारी बिठाईं। जिनमें से एक सवारी छत पर क्लीनर संग बैठी थी, जिसका नाम नईमुद्दीन निवासी ईदगाह रोड खुर्जा बुलंदशहर था। 

रास्ते में थाना अरनियां को पार करते ही ऊंचा गांव के पास दो सवारियों ने तमंचे निकालकर ट्रक को अलीगढ़ वापस ले चलने के लिए कहा। चालक के विरोध पर उसको गोली मार दी। इसके बाद ट्रक पर कब्जा कर अलीगढ़ की ओर चल दिए। गभाना क्षेत्र में जाम मिलने पर छत पर बैठा नईमुद्दीन कूदकर नीचे उतरा और पुलिस को सूचना दी। बाद में पुलिस ने सूचना देकर ट्रक रुकवाया तो अपराधी एक यात्री का मोबाइल लूटकर ट्रक से उतरकर भाग गए। बाद में जख्मी चालक को मेडिकल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। 
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मुकदमे के आधार पर दीपक निवासी मोहल्ला सासियान सरधना मेरठ, टिंकू उर्फ रामखिलाड़ी निवासी जलाली हरदुआगंज के खिलाफ चार्जशीट लगाई। इसी मामले में दोनों को तीन दिन पहले दोषी करार दिया गया था। अब उम्रकैद व 41-41 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। जिसमें से 50 फीसदी राशि मृतक परिवार को, 25 फीसदी लूट पीड़ित को और शेष राजकीय कोष में जमा होगी।

पुराने मुकदमे में साक्ष्यों व गवाहों को तलब कराकर निर्णय कराया गया है। अदालत ने हमारी बहस व साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला सुनाया है। फैसला स्वागत योग्य है।-कुलदीप तोमर, एडीजीसी 

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