मथुरा-अलीगढ़-बरेली हाईवे (फोरलेन) के निर्माण के लिए इगलास तहसील के सात गांवों के 814 किसानों की जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। 49.0856 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण के बदले 74.85 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए अवार्ड घोषित कर दिया गया है।
मथुुरा-अलीगढ़-बरेली हाईवे फोरलेन केंद्र सरकार का पायलट प्रोजेक्ट है। इसे नेशनल हाईवे 530 बी नाम दिया गया है। यह हाईवे मथुरा से शुरू होकर हाथरस, अलीगढ़, कासगंज से बदायूं होते हुए बरेली से सीधे जुडे़गा। इस परियोजना में मथुरा के 31, हाथरस के 25 व अलीगढ़ की तहसील इगलास के सात गांवों के किसानों की जमीन ली जाएगी। हाईवे निर्माण से कई जिलों के नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।
इन गांवों की भूमि का होगा अधिग्रहण
हाईवे निर्माण के लिए इगलास तहसील के गांव साथिनी, ज्वार, नाया, तूरी, पिलखुनियां, मनीपुर, असरोई के 814 किसानों की जमीन का अधिग्रहण होगा। विशेष भूमि अध्याप्ति विभाग तैयारियों में जुटा हुआ है। हाईवे निर्माण के लिए सर्वें, थ्री-डी के साथ अवार्ड घोषित करने का काम पूरा हो चुका है। इसमें चिन्हित किसानों के नाम, ग्राम पंचायत वार गाटा संख्या व जमीन के क्षेत्रफल की जानकारी कर ली गई है।
किसानों को मिलेगा चार गुना मुआवजा
हाईवे निर्माण के लिए अवार्ड घोषित होने का काम पूरा हो चुका है। यह हाईवे पीलीभीत-बरेली से अलीगढ़, हाथरस, मथुरा होते हुए भरतपुर तक जाएगा। भरतपुर में इसे जयपुर हाईवे से जोड़ा जाएगा। अलीगढ़ के सात गांवों के किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए अवार्ड घोषित कर दिया गया है। प्रभावित 814 किसानों को सर्किल रेट के सापेक्ष चार गुना यानी कुल 74.86 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।
- संजीव ओझा, एसडीएम कोल व विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी