क्यों खास है यह कदम
अक्सर सरकारी जमीन के पेच में बड़े प्रोजेक्ट्स अटक जाते हैं, लेकिन प्रशासन और एडीए के बीच इस वित्तीय समझौते ने ग्रेटर अलीगढ़ के लिए जमीन मिलने का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है। इससे न केवल शहर का विस्तार होगा, बल्कि आधुनिक आवासीय और कमर्शियल सुविधाओं के लिए नए अवसर भी खुलेंगे।
इस तरह जुटाई जार ही है जमीन (हेक्टेयर में)
रुस्तमपुर अखन- 1.43
अहमदाबाद - 4.04
अटलपुर - 3.49
मूसेपुर - 1.43
जिरौली डोर - 4.52
ल्हौसरा बिसावन - 0.8713
ग्रेटर अलीगढ़, प्रोजेक्ट प्रोफाइल
मुख्य बिंदु- विवरण
- नाम - ग्रेटर अलीगढ़ आवासीय एवं व्यावसायिक योजना
- नोडल एजेंसी - अलीगढ़ विकास प्राधिकरण
- लोकेशन - खैर रोड और बाईपास के पास (मुख्यतः तहसील कोल के गांव)
- कुल क्षेत्रफल - लगभग 300 हेक्टेयर से अधिक (विस्तार जारी)
- मुख्य उद्देश्य - आधुनिक आवासीय टाउनशिप, कमर्शियल सेंटर और इंडस्ट्रियल जोन का विकास
ग्रेटर अलीगढ़ : अब तक का सफर (2022 - 2026)
- योजना की शुरुआत (साल 2022 - 2023)- अलीगढ़ के विस्तार के लिए दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर ग्रेटर अलीगढ़ का खाका खींचा गया। एडीए ने करीब 300 हेक्टेयर जमीन पर टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा।
- जमीन अधिग्रहण की चुनौतियां (साल 2024)- शुरुआत में जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच रेट (मुआवजे) को लेकर काफी खींचतान हुई। एडीए ने लैंड पूल-इन स्कीम और सीधे बैनामे के जरिए किसानों से जमीन लेना शुरू किया। यूपी सरकार ने प्रोजेक्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए फंड जारी करना शुरू किया।
- मास्टर प्लान और मंजूरी (साल 2025)- लेआउट फाइनल हुआ। प्रोजेक्ट का नक्शा पास हुआ, जिसमें आवासीय, कमर्शियल और ग्रीन बेल्ट का बंटवारा किया गया।
- जेवर एयरपोर्ट के काम में तेजी आने के कारण इस प्रोजेक्ट की वैल्यू बढ़ गई और इसे लॉजिस्टिक्स हब से जोड़ने की योजना बनी