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16 बीघा जमीन के लिए गोपी में फिर गरजी बंदूकें, महिला जख्मी

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थाना क्षेत्र के गांव गोपी के माजरा नगला कमलू में सड़क सहारे की 16 बीघा जमीन पर कब्जे के लिए बुधवार दोपहर फिर जमकर गोलियां चलीं। इस दौरान गोली लगने से एक महिला जख्मी हो गई। जिसे पुलिस ने इलाज के लिए जिला मुख्यालय भिजवाया। वहीं कुछ देर बाद दूसरे पक्ष से ताल्लुक रखने वाला व्यक्ति भी पुलिस के पास पहुंचा और उसने खुद पर हमले का आरोप लगाया। उसे भी पुलिस ने इलाज के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। खास बात है कि इस विवाद में माह जुलाई में भी इसी तरह फसल की बुवाई के समय मारपीट व फायरिंग हुई थी। उस समय भी पिटने वाले पक्ष को जेल जाना पड़ा था और आज फसल कटाई के समय भी उसी पक्ष पर हमला हुआ है। इलाके में चर्चा-ए-आम है कि सब कुछ राजनीतिक दखलंदाजी में हो रहा है और विवाद का हल तलाशने के बजाय उसे तूल देकर जानबूझकर जमीन को विवादित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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वाकया इस तरह है कि गांव नगला कमूल निवासी संजय उर्फ संजीव ने 2008 में गांव के बाहर एक जमीन का बैनामा कराया था। इसके बाद पड़ोसी गांव के ही राजकुमार ने 2010 में इस जमीन का बैनामा करा लिया। इसके बाद कब्जे को लेकर दोनों परिवारों में विवाद शुरू हो गया है। झगड़े की नीव इसी साल 14 जुलाई को उस समय रखी गई, जब संजीव पक्ष जमीन पर धान की बुवाई कर रहा था, तब उस पर हमला हुआ। फायरिंग व मारपीट में उसकी पत्नी उमा, पिता रघुवीर व भाई बल्लभ के चोटें आईं और छर्रे लगे। मामले में दूसरे पक्ष ने भी खुद पर फायरिंग का आरोप लगाया। दोनों ओर से तहरीर मिली और पुलिस ने दोनों पक्षों को जेल भेज दिया। संजीव पक्ष चीखता रहा कि वही पिटा और वही जेल जा रहा है। मगर उनकी कोई सुनने वाला सामने नहीं आया। अब यह दोनों पक्ष जमानत पर छूट आए। फसल पककर तैयार हो गई, जिसे संजीव पक्ष बुधवार को काट रहा था। तभी आरोप है कि दोपहर तीन बजे राजकुमार पक्ष हमलावर होकर आ गया और फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में फिर संजीव की बीवी उमा कंधे में गोली लगने से जख्मी हो गई। जिसे तत्काल जिला अस्पताल और फिर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पुलिस अभी जांच पड़ताल कर ही रही थी कि दूसरे पक्ष से रोहित पुत्र सूबेदार भी पुलिस के पास पहुंचा और बताया कि वह अपने खेत पर था, तभी संजीव पक्ष ने उस पर हमला बोल दिया और उसके सिर में चोट आई है। उसे भी इलाज के लिए भेजा गया है। एसओ सुनील कुमार सिंह का कहना है कि दोनों पक्षों में पुराना विवाद है। मामले में अभी तहरीर नहीं मिली है। बाकी गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
क्यों नहीं निपट पा रहा विवाद
इस विवाद को लेकर हालांकि कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। मगर आम चर्चा है कि सत्ताधारी दल के जिले के कुछ ओहदेदार जमीन नजर गढ़ाए हुए हैं और एक पक्ष पर हाथ रख दिया है। उसी रसूख में एक पक्ष लगातार विवाद पैदा कर रहा है। मगर पुलिस प्रशासनिक स्तर पर कोई यह जानने को तैयार नहीं है कि कौन सही है और कौन गलत है। हां, कार्रवाई जरूर दोनों पक्षों पर कर दी जा रही है। कहा जा रहा है कि सत्ताधारी दल से जुड़े जिले के ओहदेदार चाहते हैं कि जमीन विवादित बनी रहे और यह लोग सस्ते में ही इसे छोड़कर चले जाएं।
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