अलीगढ़ एयरपोर्ट के विस्तार के लिए कुल 275 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से 185 हेक्टेयर का क्रय पहले ही किया जा चुका है। शेष 90 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अभी बाकी है।
अलीगढ़ एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण के काम में तेजी आई है। प्रशासन जमीन अधिग्रहण में आ रही विधिक बाधा को चिह्नित करने का काम कर रहा है। इसके लिए देखा जा रहा है कि किस भूखंड में किस प्रकार का वाद किस न्यायालय में विचाराधीन चल रहा है। उसी के अनुसार उसके निस्तारण की दिशा में प्रयास किया जाए। जिससे अधिग्रहण का काम जल्द पूरा हो सके।
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अलीगढ़ एयरपोर्ट के विस्तार के लिए कुल 275 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से 185 हेक्टेयर का क्रय पहले ही किया जा चुका है। शेष 90 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण अभी बाकी है। अधिकारियों का मानना है कि इन कानूनी अड़चनों को दूर करने से शेष भूमि का अधिग्रहण सुगमता से हो पाएगा।
उन भूखंडों को चिह्नित कर रहे हैं जिन पर अलग-अलग न्यायालयों में वाद विचाराधीन हैं। कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद शेष भूमि का अधिग्रहण भी जल्द ही पूरा हो जाएगा, जिससे अलीगढ़ में हवाई कनेक्टिविटी का एक नया अध्याय शुरू होगा। - महिमा राजपूत, एसडीम कोल
तीन वर्ष पहले शुरु हुई विस्तारीकरण की प्रक्रिया
अलीगढ़ एयरपोर्ट को अत्याधुनिक बनाने के लिए वर्ष 2022 में पांच गांवों घनेडी, अलाहदादपुर, ईकरी, खानागमड़ी और निजामपुर बोरसैना में भूमि अधिग्रहण का निर्णय लिया गया था। इन गांवों के एक हज़ार से अधिक किसानों से कुल 275 हेक्टेयर भूमि को सर्किल रेट से चार गुना अधिक मुआवजे पर खरीदने का समझौता किया गया था। इस परियोजना के लिए शासन स्तर से कुल 738 करोड़ रुपये का मुआवजा स्वीकृत किया गया था। प्रशासन ने अब तक 185 हेक्टेयर भूमि के बैनामे सफलतापूर्वक करा लिए हैं।