कुश ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से बी.टेक. की। फिर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली से एम.टेक. की। कुश ने इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज यानी आईईएस परीक्षा में 5वीं रैंक हासिल की।
उत्तर मध्य रेलवे में उप मुख्य सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर कुश गुप्ता को अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। अलीगढ़ की आवास विकास कॉलोनी निवासी कुश गुप्ता को मिले सम्मान से शहरवासियों में खुशी देखने को मिली।
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कुश गुप्ता ने 11 सितंबर 2024 को मथुरा जंक्शन पलवल रेलखंड में कवच के 3.2 संस्करण की कमीशनिंग का नेतृत्व किया। खजुराहो और रानी कमलापति वंदे भारत रेक में कवच लगाकर तेज गति से लोको परीक्षण किए। आईएसए-आईटेल सर्टिफायर द्वारा अनिवार्य सुरक्षा मूल्यांकन पूरा किया गया तथा एनएमएस सुधार और मथुरा में सफल एफएटी सहित महत्त्वपूर्ण प्रणाली को अपग्रेड किया। इन्होंने आगरा कैंट-धौलपुर रेलखंड में एबीएस के 53 मार्ग कि.मी. और टुंडला - एत्मादपुर-मितावल रेलखंड पर एबीएस के 9.81 मार्ग कि.मी. की कमीशनिंग कार्य का नेतृत्व किया। उनकी इसी सेवा के लिए उन्हें अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार 2025 प्रदान किया गया।
आईईएस में हासिल की थी 5वीं रैंक
कुश गुप्ता के पिता बालकृष्ण गुप्ता अधिशासी अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि मां शशी गुप्ता गृहिणी हैं। कुश ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से बी.टेक. की। फिर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली से एम.टेक. की। कुश ने इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज यानी आईईएस परीक्षा में 5वीं रैंक हासिल की।