चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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हाईकोर्ट ने अलीगढ़ की कोल तहसील स्थित एक विवादित भूमि का स्वामित्व बदलने के एसडीएम कोल के आदेश पर लगी रोक को बरकरार रखा है तथा प्रदेश सरकार और अन्य पक्षकारों को नौ जनवरी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए मैरिज होम संचालक के इंपीरियल स्कूल को यथावत चलने देने के आदेश दिये गए हैं।
क्वार्सी राज विहार निवासी कृष्णपाल सिंह की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा ने दिया। याची का कहना था कि रेवेन्यू कोड 2006 की धारा 38 के तहत दाखिल एक संशोधन अर्जी पर एसडीएम ने उसकी भूमि का स्वामित्व नगर निगम को सौंप दिया। जबकि याची को चकबंदी के दौरान उस भूमि का स्वामी घोषित किया जा चुका है। धारा 38 में एसडीएम को सिर्फ गलती संशोधित करने का अधिकार है स्वामित्व तय करने का हक नहीं है। हाईकोर्ट ने 28 नवंबर 2018 को एसडीएम के आदेश पर रोक लगा दी थी।
मामले की अगली सुनवाई पर याची की ओर से बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद एसडीएम के आदेश के तहत कार्यवाही की जा रही है। याची ने इस संबंध में एक अर्जी भी दाखिल की है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को एक जवाब दाखिल करने की मोहलत देते हुए विवादित भूमि पर दिए 28 नवंबर के आदेश को बरकरार रखा है।
याचिका पर नौ जनवरी को अगली सुनवाई होगी। इस संबंध में एसडीएम कोल जोगिंदर सिंह ने स्वीकार किया कि न्यायालय ने मैरिज होम में किसी भी शादी अथवा उत्सव जैसी गतिविधियों पर रोक लगाई है। परंतु याची के मैरिज होम के पीछे चल रहे इंपीरियल स्कूल को यथावत चलने देने के आदेश दिये हैं। प्रशासन को अपना पक्ष नौ जनवरी को रखने को कहा है।