पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सिर पर 11 लाख रुपये का इनाम घोषित करने वाले युवा भाजपा नेता योगेश वार्ष्णेय की गिरफ्तारी और कुर्की नोटिस चस्पा करने के लिए कोलकाता पुलिस शुक्रवार को फिर अलीगढ़ पहुंच गई। सादा कपड़ों में घर में घुसे दो पुलिसकर्मियों पर महिलाओं से अभद्रता और मारपीट का आरोप लगा।
इसी बीच खबर पर पहुंचे तमाम युवा भाजपाइयों ने पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की करते हुए मारपीट तक कर दी। इस बीच जमकर हंगामा हुआ। बाद में पहुंचे सांसद व विधायकों ने किसी तरह लोगों को शांत किया और कहा कि योगेश को किसी भी कीमत पर पश्चिम बंगाल पुलिस को नहीं ले जाने दिया जाएगा। एक घंटे तक चले हंगामे के बाद स्थानीय पुलिस किसी तरह दोनों को बचाकर ले गई। देर रात थाने में वार्ता जारी थी।
भाजपा नेता ने ममता बनर्जी के सिर कलम करने वाले को 11 लाख का इनाम देने का किया था एलान
वाकया अगस्त 2017 का है, जब पश्चिम बंगाल के वीरभूमि जिले में हनुमान जयंती के मौके पर जुलूस निकाल रहे हिंदू जागरण मंच कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज हुआ था। इससे आहत शहर के गांधी नगर निवासी युवा भाजपा नेता योगेश वार्ष्णेय ने लाठीचार्ज के लिए वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बताया और उनका सिर लेकर आने वाले को 11 लाख के इनाम की घोषणा करते हुए बयान जारी कर दिया था। 12 अगस्त 2017 को इस बयान के बाद देश की सियासत में भूचाल मचा था। संसद तक में यह मुद्दा गूंजा था। इस मामले में टीएमसी के वीरभूमि के ही नेता ने वहां मुकदमा दर्ज कराया था। उस मुकदमे पर उस समय भी पश्चिम बंगाल पुलिस योगेश की गिरफ्तारी को यहां आई थी। मगर उस समय भी भाजपा नेताओं के दबाव में साथ नहीं ले जा सकी थी।
कुर्की नोटिस व गिरफ्तारी वारंट लेकर पहुंची पुलिस
इधर, अब इस मामले में शुक्रवार शाम को पश्चिम बंगाल सीआईडी के एसआई सुवासीष दत्त व सिपाही आलमगीर न्यायालय से जारी सीआरपीसी की धारा 82 के तहत कुर्की नोटिस व गिरफ्तारी वारंट लेकर यहां पहुंचे। सबसे पहले ये दोनों पुलिसकर्मी गांधीपार्क थाने गए, जहां उनकी मुलाकात एसएसआई गांधीपार्क शिवप्रताप सिंह से हुई। एसएसआई ने चौकी प्रभारी अचलताल संदीप के लिए प्रकरण संदर्भित कर दिया और उन्हें अचल चौकी भेज दिया। इसके बाद शाम करीब साढ़े सात बजे ये दोनों अचल चौकी के दरोगा व सिपाही को साथ लेकर योगेश के घर पहुंचे।
पुलिस पर महिलाओं से मारपीट-अभद्रता का आरोप
स्थानीय चौकी प्रभारी व सिपाही बाहर दरवाजे पर ही रुक गए, जबकि पश्चिम बंगाल से आई पुलिस योगेश के घर में उसका नाम पुकारते हुए घुस गई। उस समय योगेश घर पर नहीं थे। पहली मंजिल पर मौजूद उनकी मां व बहन ने पूछा कि आप कौन हैं तो आरोप है कि उन लोगों ने घर की तलाशी लेते हुए धक्का-मुक्की शुरू कर दी और विरोध किया तो मारपीट कर अभद्रता कर दी। इसी बीच चीख पुकार पर पड़ोस में रहने वाली पार्षद अल्का गुप्ता आईं तो उनके साथ भी अभद्रता व मारपीट कर दी। इस दौरान स्थानीय दरोगा संदीप ने बीचबचाव का प्रयास किया और बताया कि ये पश्चिम बंगाल की पुलिस है तो मामला और भड़क गया।
पुलिस के आईडी कार्ड छीने भाजपाई
इसी दौरान योगेश को सूचना मिली तो उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को सूचना दे दी। इस पर तमाम युवा भाजपाई उनके घर पहुंचे और घर में मौजूद दोनों पुलिसकर्मियों को पीट दिया। उनके हाथ में लगी वारंटों संबंधी पत्रावली और उनके आईडी कार्ड छीन लिए। इस पर उन्हें घर में ही रोक लिया और फिर खबर देकर सांसद सतीश गौतम, विधायक संजीव राजा, अनिल पाराशर, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, पूर्व मेयर शकुंतला भारती, युवा जिलाध्यक्ष मुकेश लोधी, महानगर अध्यक्ष अमन गुप्ता, प्रतीक चौहान, संजू बजाज, वैभव गौतम आदि पहुंच गए। उन्होंने पहुंचकर हंगामा कर रहे युवा भाजपाई शांत किए। इन नेताओं ने साफ कहा कि कोई योगेश को नहीं ले जाएगा।