पति मनोज गुप्ता और पत्नी कीर्ति गुप्ता।
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पौराणिक कथाओं में एक उदाहरण मिलता है कि सावित्री ने यमराज से अपने पति के प्राणों की रक्षा की। प्रतिभा कॉलोनी राजेंद्र नगर में रहने वाली एक महिला ने अपने पति की जिंदगी को बचाने के लिए अपनी किडनी देकर जीवनदान मिलने में मदद की। आधुनिक सावित्री बनी इस महिला के इस सराहनीय कार्य की क्षेत्र में चर्चा है। उसके पति अब स्वस्थ जीवन जी रहे हैं। पति मनोज के अनुसार अगर उनकी पत्नी न होती तो शायद वह अब तक इस दुनिया में न होते।
प्रतिभा कॉलोनी राजेंद्र नगर के रहने वाले मनोज कुमार गुप्ता की शादी अलीगढ़ की ही रहने वाली कीर्ति गुप्ता से 1997 में हुई थी। मनोज कुमार गुप्ता का पहले सिनेमा हॉल पर कैंटीन और स्टैंड आदि के ठेके का काम था। शादी के बाद सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था, लेकिन सन 2012 के आते-आते मनोज कुमार को पता लगा कि उनको किडनी की समस्या है। इसके बाद खुशियों भरे परिवार में एक काली परछाई छा गई। मनोज कुमार कहते हैं कि उनकी पत्नी कीर्ति गुप्ता ने हार नहीं मानी और स्वयं आगे आकर अपनी किडनी अपने पति को देने का फैसला किया।
2013 में दिल्ली में मनोज का सफल ऑपरेशन हुआ और इसके बाद तब से आज तक मनोज कुमार एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी रहे हैं। मनोज कुमार कहते हैं कि उनकी पत्नी की बदौलत परिवार में एक बार फिर से खुशियां हैं। प्रत्येक करवा चौथ पर जब वह देखते हैं कि महिलाएं अपने पति की सलामती के लिए व्रत रख रही हैं और पूजा भी कर रही हैं तो वह सोचते हैं कि उनकी पत्नी ने तो अपने कर्म से अपने आप को सावित्री सिद्ध करके दिखाया है। उनकी करवा चौथ की पूजा सर्वोपरि है ।