इस बार खैर सीट पर चुनाव भाजपा के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है। हालांकि, मुकाबला त्रिकोणीय है। खास बात यह है कि बिना मुद्दे और बिना किसी बयार के यह चुनाव जातीय समीकरण के सहारे लड़ा जा रहा है। भाजपा, बसपा, रालोद के दावेदार और उनके सिपहसालार जातीय समीकरण बैठाने में एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। सब कुछ निर्भर है मतदान प्रतिशत और जिले के इस जाटलैंड में जाटों के बिखराव पर?। चुनाव आचार संहिता लगने तक विधायक का विरोध, विकास, किसान आंदोलन आदि को लेकर माहौल लगभग जुदा था। लेकिन अब किसी के पक्ष में माहौल एकतरफा नहीं है। बस सभी का प्रयास है कि कहां दूसरे खेमे में सेंधमारी हो और जीत का सफर आसान हो।
ये है सियासी दलों की अपनी रणनीति
भाजपा ने इस सीट पर लगातार दूसरी बार मौजूदा विधायक अनूप प्रधान को मौका दिया है। वे अपने कराए गए कार्यों और सरकार की विकास योजनाओं के सहारे प्रचार में जुटे हैं। जाट-ब्राह्मण बहुल इस सीट पर उनको मोदी लहर में प्रचंड जीत मिली थी। वे उन्हीं वोटों के सहारे इस बार भी प्रयासरत हैं। जहां नाराजगी है, वहां वे अपने स्तर से व संगठन के अन्य लोगों की मदद से मनाने का प्रयास किया है। रालोद ने भगवती प्रसाद सूर्यवंशी पर दांव खेला है। टप्पल की खड़ेइया खाप में हुए जयंत चौधरी के जनसंपर्क के बाद रालोद यहां कांटे की टक्कर में आ गई है। बसपा खेमे ने जिले के मजबूत जाट चेहरे व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू की पुत्रवधु चारू केन को मैदान में उतार कर जाटों में बिखराव के हालात पैदा कर दिए हैं। इसके बाद से तीनों दलों का प्रयास मतदान प्रतिशत बढ़ाना और दूसरे खेमे में सेंधमारी करना है। हालांकि भाजपा, बसपा व रालोद अपने परंपरागत वोट को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं। वहीं, कांग्रेस की मोनिका सूर्यवंशी भी क्षेत्र की होने के नाते चुनाव में पूरा जोर लगाए हुए हैं।
खुद वोटर भी नहीं कर रहा तस्वीर साफ
अंडला स्थित बॉटलिंग प्लांट से खैर सीट की सीमा शुरू होती है और पलवल सीमा के यमुना खादर तक लगती है। अंडला क्षेत्र में ब्राह्मण-बाईसी और टप्पल में जाटों की खड़ेइया खाप में सबके अपने-अपने दावे और अपने-अपने तर्क हैं। कल तक जट्टारी हाईवे, छुट्टा जानवर, ग्रामीण क्षेत्र के विकास जैसे मुद्दों पर नाराजगी जताने वाला खांटी किसान वोटर अब जात बिरादरी में बंटता दिख रहा है। शिक्षित वर्ग का मतदाता जरूर कुछ साफ बोलता है। अंडला के ही भगवती प्रसाद रावत भाजपा शासन की योजनाओं से संतुष्ट हैं। विधायक को न देख वे सरकार के नाम पर वोट की बात कहते हैं। टप्पल क्षेत्र के इतवारपुर के गणेश पाराशर भी भाजपा सरकार की योजनाओं के सहारे मतदान की बात कहते हैं। जट्टारी के रौबिन चौधरी विकास योजनाओं से लेकर किसानों की दिक्कतों पर भाजपा को कोसते नजर आते हैं। सलेमपुर के रोहित अत्री साफ कहते हैं कि सबका अपना अपना गढ़ है। जिसका मतदान प्रतिशत अधिक, विधायक उसी का होगा।
-- 2022 के रण में ये प्रत्याशी --
- अनूप प्रधान, भाजपा
- मोनिका सूर्यवंशी, कांग्रेस
- भगवती प्रसाद सूर्यवंशी, रालोद
- चारू केन, बसपा
--2022 के मतदाता--
-कुल मतदाता:-403515
-पुरुष मतदाता:-215685
-महिला मतदाता:-187808
--2017 के नतीजे--
-अनूप प्रधान, भाजपा को मिले मत:-124198
-राकेश मौर्या, बसपा को मिले मत:-53477
-ओमपाल सिंह सूर्यवंशी, रालोद को मिले मत:-41888
-अनुमानित जातीय मतदाता :-
-1.15 लाख जाट
-70 हजार जाटव
-60 हजार ब्राह्मण
-35 हजार वैश्य
-30 हजार सूर्यवंशी
-25 हजार अन्य एससी
-30 हजार मुस्लिम
- बाकी में अन्य
रालोद खैर प्रत्याशी भगवती प्रसाद सूर्यवंशी- फोटो : CITY OFFICE
भाजपा खैर प्रत्याशी अनूप प्रधान- फोटो : CITY OFFICE