मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुराने जख्मों को कुरेद कर राजनीतिक ध्रुवीकरण का प्रयास किया। जनसभा में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2006 में अलीगढ़ में दंगा हुआ था। इस दर्द को लोग आज तक नहीं भूले हैं। दंगे के दौरान भाजपा के विधायक रह चुके देवकीनंदन कोरी के पुत्र त्रिलोकीनाथ उर्फ विक्की की हत्या हुुई थी।
मुख्यमंत्री योगी ने मंच से उस हत्या का उल्लेख कर पुराने जख्मों को कुरेद दिया। यह भी कहा कि दंगे के दौरान भाजपा के नेताओं को पकड़कर थाने में बंद किया गया था और उत्पीड़न किया गया था। इसको लेकर अलीगढ़ आकर बड़ा आंदोलन किया था। मुख्यमंत्री यहीं, नहीं रुके। मुजफ्फरनगर एवं कोसीकलां दंगा के साथ ही पलायन का भी मुद्दा उठाया। एएमयू के नाम पर भी ध्रुवीकरण का प्रयास किया गया। उनका कहना था कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह स्वतंत्रता सेनानी थे। एएमयू को भूमि दान की थी। लेकिन एएमयू द्वारा उन्हें नजरअंदाज किया गया। मुख्यमंत्री यह कहना भी नहीं भूले कि उपद्रव करने वाले लोगों के खिलाफ उनकी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं।