50 कोचिंग सेंटर, पंजीकृत सिर्फ 11
जिले में 50 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हैं, लेकिन डीआईओएस कार्यालय में सिर्फ 11 सेंटर ही पंजीकृत हैं। अग्निशमन विभाग से केवल 15 कोचिंग सेंटरों ने अग्निशमन विभाग से एनओसी ली है। जिले में संचालित 10 से अधिक लाइब्रेरी भी बिना पंजीकरण के चल रही हैं।
ताला लगाकर नहीं बचेंगे संचालक, रोजाना होगी जांच
अवैध कोचिंग सेंटरों के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई अब और सख्त होने जा रही है। डीआईओएस डॉ. पूरन सिंह ने बताया कि जांच के दौरान जो कोचिंग सेंटर बंद मिले या जिन पर संचालक ताला लगाकर भाग गए हैं, उनकी रोजाना जांच की जाएगी। कार्रवाई से बचने के लिए ताला लगाना कोई विकल्प नहीं है।
उन्होंने कहा कि टीम लगातार निरीक्षण करेगी और जैसे ही कोचिंग सेंटर खुला मिलेगा, उसके दस्तावेज, पंजीकरण, अग्निशमन विभाग की एनओसी और अन्य आवश्यक मानकों की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर सीलिंग, नोटिस और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
शिक्षा विभाग में भेदिया होने के उठे सवाल
अवैध कोचिंग सेंटरों पर शिक्षा विभाग की कार्रवाई ने एक नया सवाल खड़ा कर दिया है। जब टीम जांच के लिए पहुंची तो सात कोचिंग सेंटर पहले से ही बंद मिले। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या जांच की सूचना पहले ही संचालकों तक पहुंच गई थी? एक साथ सात कोचिंग सेंटरों का ताला बंद मिलने से शिक्षा विभाग में भेदिया होने की आशंका जताई जा रही है।