अलीगढ़ महानगर के जिला मुख्यालय स्थित तस्वीर महल पार्क में 3 दिसंबद दोपहर कुछ महिलाएं खुलेआम मांस पकाते पकड़ ली गईं। यह देख करणी सेना नेताओं ने पुलिस बुला ली। रोहिंग्या होने का अंदेशा जताया गया। काफी देर तक चली जांच में उजागर हुआ कि यह बिहार के परिवारों की महिलाएं हैं। लंबे समय से कठपुला के पास झुग्गियों में रहती हैं। उन्हें हिदायत देकर छोड़ा गया है।
घटनाक्रम के अनुसार दोपहर में करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह चौहान किसी काम से तस्वीर महल चौराहा पर आए थे। तभी उनकी नजर वहां राजा महेंद्र प्रताप पार्क में गई। जहां कुछ महिलाओं द्वारा मांस पकाया जा रहा था। खुलेआम इस तरह मांस पकाए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई। जब पूछताछ करते हुए बात की तो उनकी बोली भाषा समझ न आने पर उनके रोहिंग्या होने का अंदेशा जताया गया। इस पर उन्होंने सिविल लाइंस पुलिस बुला ली। पुलिस ने चारों महिलाओं को पूछताछ व जांच के इरादे से थाने भेज दिया।
जहां जांच में एक महिला का बिहार के भागलपुर का आधार कार्ड मिला। उसकी अलीगढ़ के युवक से शादी हुई थी। मगर नशे के चलते उसकी मृत्यु हो गई। यह सभी खानाबदोश जिंदगी जीने वाले परिवार से ताल्लुक रखती हैं। सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि इनमें से कुछ महिलाएं लंबे समय से कठपुला के पास झुग्गियों में रहती हैं। एक का आधार कार्ड भी मिला है। उनके परिजनों को बुलाकर हिदायत देकर छोड़ा गया है। एलआईयू स्तर से भी जांच की जा रही है।