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GATE: अलीगढ़ के कैलाश की देश में पहली रैंक, मां-बेटे के संघर्ष को 18 किमी तक जुलूस निकालकर किया सैल्यूट

Fri, 04 Apr 2025 10:43 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

कैलाश गोयल के पिता रमेश गोयल गांव मालव में किराने की दुकान चलाते थे। 2007 में पिता का निधन हो गया, तब कैलाश हाईस्कूल में थे। इसके बाद मां ने दुकान और बच्चों की जिम्मेदारी संभाली। दुकान चली नहीं। खेती-बाड़ी थी नहीं। जमीन के नाम पर टप्पल में एक छोटा सा प्लाॅट था। इस पर दो बेटे और बेटी की जिम्मेदारी उठा रहीं मां रज्जन देवी ने गांव के सूदखोरों से ब्याज पर रुपये लेकर बच्चों को पढ़ाया।
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गेट टॉपर कैलाश गोयल का गांव मालव में स्वागत करते लोग - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (गेट) में इंस्ट्रुमेंटेशन इंजीनियरिंग में ऑल इंडिया में पहली रैंक हासिल करने वाले कैलाश गोयल जब अपने अलीगढ़ के हजियापुर स्थित गांव मालव पहुंचे तो हर कोई उन्हें देखने के लिए पहुंच गया। अपने गांव के इस लाल पर हर कोई फक्र कर रहा था। कैलाश और उनकी मां रज्जन देवी के संघर्ष पर हर किसी को नाज है। ग्रामीणों ने 18 किमी तक जुलूस निकालकर जश्न मनाया। 

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कैलाश को देश में पहली रैंक हासिल करने की जिद थी। अपनी जिद को पूरी करने के लिए लगातार इम्तिहान देते रहे। अब उनकी अव्वल आने की जिद पूरी हो गई है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने 19 मार्च को गेट-2025 का नतीजा घोषित किया था। गेट में ऑल इंडिया टॉपर बने कैलाश गोयल का 3 अप्रैल को गांव मालव पहुंचने पर ग्रामीणों ने स्वागत किया। हामिदपुर से मालव तक 18 किलोमीटर की सम्मान यात्रा निकाली गई, लेकिन उनकी यह यात्रा संघर्ष से भरी रही। 

कैलाश गोयल के पिता रमेश गोयल गांव मालव में किराने की दुकान चलाते थे। 2007 में पिता का निधन हो गया, तब कैलाश हाईस्कूल में थे। इसके बाद मां ने दुकान और बच्चों की जिम्मेदारी संभाली। दुकान चली नहीं। खेती-बाड़ी थी नहीं। जमीन के नाम पर टप्पल में एक छोटा सा प्लाॅट था। इस पर दो बेटे और बेटी की जिम्मेदारी उठा रहीं मां रज्जन देवी ने गांव के सूदखोरों से ब्याज पर रुपये लेकर बच्चों को पढ़ाया। कैलाश ने 12वीं तक की पढ़ाई गांव के ही आदर्श सत्यदेव इंटर कॉलेज से की। इसके बाद बीटेक में ज्यादा धन की जरूरत पड़ी तो मां ने फिर कर्ज लिया। कर्ज लेकर बेटे को पढ़ाया।

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सूर्य नारायण मंदिर में किया दर्शन, लिया आशीर्वाद

कैलाश गोयल ने सबसे पहले सूर्यनारायण मंदिर में दर्शन किया। इसके बाद गांव के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। यहां प्रधानाचार्य चौ. ऋषिपाल सिंह ने साफा और फूलमाला पहनाकर उनका स्वागत किया। प्रधानाचार्य ने कहा कि कैलाश गोयल ने गांव ही नहीं, बल्कि जिले का नाम रोशन किया है। उनसे विद्यार्थियों को प्रेरणा मिलेगी। सुभाष चौधरी, अजयपाल मुखिया, शीशपाल सिंह, पप्पू मुखिया, मनोज मुखिया, सुरेश नंबरदार, राजकुमार उर्फ बब्बू, गुलाब सिंह, बुद्धा सिंह, भूपेन्द्र सिंह, देशराज सिंह, अन्नू, अंकित मुखिया ने उन्हें बधाई दी।

कैलाश ने जिद से बदल दी किस्मत की लकीर
कैलाश गोयल ने इंस्ट्रुमेंटेशन इंजीनियरिंग में ऑल इंडिया में पहली रैंक हासिल की है। उन्होंने 1000 में से 993 अंक प्राप्त किए। साथ ही उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में भी ऑल इंडिया में दूसरी रैंक हासिल की है। उन्हें देश में पहली रैंक हासिल करने की जिद थी। अपनी जिद को पूरी करने के लिए लगातार इम्तिहान देते रहे। अब उनकी अव्वल आने की जिद पूरी हो गई है।

उन्होंने कक्षा 10 में 62 प्रतिशत और कक्षा 12 की परीक्षा में 66 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। हाईस्कूल के बाद ही वह आईआईटी जेईई की तैयारी करना चाहते थे, लेकिन आर्थिक स्थिति के चलते ऐसा नहीं कर पाए। उन्होंने बीटेक इलेक्ट्रिकल (2011-2015 बैच) करने के लिए एडवांस कॉलेज पलवल में दाखिला लिया था।
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