भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने संक्रामक एवं कृमि जनित रोगों के नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जागरूकता अभियान में अलीगढ़ के प्रसिद्ध गीतकार पद्मभूषण गोपाल दास नीरज के गीत को थीम गीत बनाया है।
इस 44 सेकेंड के विज्ञापन में नीरज के लिखे फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ के गीत ‘ऐ भाई जरा देख के चलो’ की पैरोडी बैक ग्राउंड में बजती रहती है। इस बीच बचाव के उपाय भी बताते जाते हैं। जल्द ही यह विज्ञापन दूरदर्शन सहित सभी चैनल्स पर प्रसारित होने वाला है।
केंद्र सरकार ने नीरज के इस गीत को इसकी लोकप्रियता और सहजता को देखकर प्रयोग करने का फैसला किया हैै। अलीगढ़ के जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. राहुल कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि सरकार की मंशा है कि बीमारी फैलने से पहले ही बचाव कर लिया जाए। इसलिए शुरू से ही लोगों को बताया जाए कि डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया आदि कैसे फैलता है और कैसे उसका बचाव किया जा सकता है।
प्रसिद्ध साहित्यकार सुरेश कुमार कहते हैं कि अलीगढ़ के लिए यह गर्व की बात है कि अलीगढ़ के नीरज जी का गीत भारत सरकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का हिस्सा बना है।
इस तरह होगा पैरोडी गीत
‘ऐ भाई जरा देखो तो
टंकी ही नहीं, कूलर भी
कूलर ही नहीं, गमले भी
घर में ही नहीं, बाहर भी, ऐ भाई...
इधर देखो हर तरफ ये मच्छर
घड़े में, डिब्बे में, प्याले में, टायर में हर जगह पनपता है
प्यारे और इस हालत में बचाव ही एक रस्ता है’
राजकपूर के विशेष आग्रह पर लिखा था गीत
उस समय नीरज डीएस कालेज में शिक्षक थे। छह दिन की छुट्टी पर राजकपूर ने मुंबई बुलवाया। शुरू के चार दिन सिटिंग हुई लेकिन गीत नहीं लिखा जा सका। नीरज ने राजकपूर से कहा राज साहब फिल्म का मुख्य किरदार जोकर है। वो न ठुमरी गाएगा, न क्लासिकल, न मंझा हुआ गायक है।
जोकर तो अपने ही अंदाज में बात कहेगा जिसका एक अर्थ हास्य में होगा तो दूसरा अर्थ दार्शनिक होगा। इसके बाद नीरज ने ‘ऐ भाई गीत सुनाया’। इसे सुनकर राजकपूर झूम गए। बाद में शंकर जयकिशन ने इसी गीत मानने से इनकार करते हुए कहा धुन नहीं बन सकती।
बाद में जैसे नीरज ने गीत सुनाया था वैसे ही मन्ना डे ने गाया और वही धुन बन गई।