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अलीगढ़: भाजपा नेता यशपाल चौहान व उनके भाई के हत्याकांड में 11 साल बाद आया फैसला, नौ दोषियों को आजीवन कारावास, 50-50 हजार का जुर्माना

Wed, 15 Jun 2022 05:52 PM IST
Vikas Kumar अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों का अवलोकन करने, गवाहों को सुनने ओर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह के बाद बुधवार को नौ आरोपियों को जनपद न्यायाधीश डॉ. बब्बू सांरग ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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यशपाल सिंह चौहान (बाएं) और उनके भाई अनिल चौहान (दाएं) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अलीगढ़ जनपद न्यायाधीश डॉ. बाबू सांरग ने जवां क्षेत्र के कासिमपुर पावर हाउस में 11 वर्ष पूर्व हुए भाजपा नेता यशपाल चौहान व उनके भाई अनिल चौहान के चर्चित दोहरे हत्याकांड में नौ आरोपियों को दोषी मानते हुए बुधवार को आजीवन कारावास व 50-50 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता धीरेन्द्र सिंह तौमर ने बताया कि हरदुआगंज क्षेत्र के बड़ा गांव उखलाना निवासी सतीश चौहान द्वारा जवां थाने में मुकद्दमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप लगाया था कि वह व उनके बड़े भाई भाजपा के वरिष्ठ नेता यशपाल चौहान, दूसरे भाई अनिल चौहान, भतीजे संकेत, पुष्पेन्द्र, परिवार के प्रदीप व गाड़ी चालक शिवकुमार के साथ कासिमपुर पावर हाउस स्थित बैंक में तीन मार्च 2011 की दोपहर रुपये निकालने गये थे। 

बैंक से निकलते समय पूर्व से घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन सभी को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अचानक हुए हमले में गोली लगने से उनके भाई अनिल चौहान की मौके पर मौत हो गई व बड़े भाई वरिष्ठ भाजपा नेता यशपाल चौहान, पुष्पेन्द्र, संकेत के अलावा राहगीर विवेक गोली लगने से घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए जे. एन. मेडिकल कॉलेज लाया गया। जहां डाक्टरों ने उनके बड़े भाई यशपाल चौहान को मृत घोषित कर दिया। 
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मुकद्दमे में जनपद नोएडा के थाना जहांगीरपुर क्षेत्र गांव परोरी हाल निवासी कासिमपुर सगे भाई अशोक, अवनीश, इनकी मौसी के बेटे प्रमोद राघव निवासी बनैल थाना पहासु जनपद बुलंदशहर, कन्हैया निवासी जेवर, जनपद नोएडा सहित कासिमपुर पावर हाउस में तैनात कर्मचारी केशव को नामजद कराया गया। विवेचना के दौरान प्रमोद राघव के सगे तीन भाई अजयपाल, दिनेश, सतेन्द्र व चचेरे भाई कमल उर्फ कालू के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।

न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान साक्ष्यों का अवलोकन करने, गवाहों को सुनने ओर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह के बाद बुधवार को नौ आरोपियों को जनपद न्यायाधीश डॉ. बब्बू सांरग ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 50-50 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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