मथुरा वाया अलीगढ़ मुरादाबाद हाईवे पर चल रहा निर्माण कार्य
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मुरादाबाद से भरतपुर तक 250 किलोमीटर लंबा नेशनल हाईवे की नई सड़क का निर्माण अब रफ्तार पकड़ गया है। यह हाईवे अलीगढ़ से मथुरा के रास्ते भरतपुर पहुंचेगा। हाईवे निर्माण से वाहन चालकों का सफर अब और भी आसान होगा। मुरादाबाद, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा के लोगों को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा जाने के लिए अब एक और हाईवे की सुविधा मिलेगी।
अलीगढ़ से मथुरा जाने वाले लोग सासनीगेट चौराहे से 34 किमी चल कर साथिनी से इस हाईवे पर पहुंचेंगे। जहां से वे मथुरा के कोयला-अलीपुर एवं महावन-गोकुल तक शानदार सफर का आनंद देगा। मथुरा-हाथरस-अलीगढ़-बरेली नेशनल हाईवे 530 बी के निर्माण के लिए किसानों को मुआवजा बांटने के साथ ही भूमि के अधिग्रहण के बाद इसके निर्माण का कार्य बेहद तेजी से चल रहा है। अब तक निर्माणदायी संस्था पीएनसी द्वारा करीब 40 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। हाईवे निर्माण के लिए किसानों को भूमि अधिग्रहण के बाद चार गुना मुआवजा दिया गया है। हाथरस जनपद के सोनई एवं मुरसान में बाईपास बनाया जा रहा है।
मुरादाबाद से वाया अलीगढ़- मथुरा- भरतपुर हाईवे के निर्माण का कार्य तेजी शुरू हो गया है। उम्मीद है कि अगले साल तक यह हाईवे चालू हो जाएगा। इससे वाहन चालकों का सफर आसान होगा और इस दूरी को तय करने में कम समय भी खर्च होगा। - प्रमोद कुमार कौशिक, सहायक महाप्रबंधक एनएचआई
खास बातें
- मथुरा जाने वालों को साथिनी से मिलेगा फोरलेन हाईवे
- सासनीगेट चौराहे से साथिनी की दूरी लगभग 34 किमी
- हाईवे मथुरा के कोयला-अलीपुर एवं महावन-गोकुल से शुरू हुआ है निर्माण कार्य
- -मथुरा के 30, हाथरस के 23, अलीगढ़ के सात, कासगंज के 16 एवं एटा के दो गांवों की जमीन की गई है अधिग्रहित
निर्माणाधीन हाईवे पर एक नजर
- 250 किलोमीटर लंबा हाईवे अलीगढ़ में इगलास एवं हाथरस से होकर गुजर रहा
- 8000 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा निर्माण
- 871 किसानों से अलीगढ़ में 49.861 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की गई है। बदले में किसानों को 268 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा गया है
- 25 किमी हाथरस, अलीगढ़ में सात किमी का हिस्सा इगलास क्षेत्र में बन रहा है
- हाथरस के सोनई एवं मुरसान में बन रहे दो आधुनिक बाईपास
- मथुरा के कोयला अलीपुर, महावन-गोकुल से निर्माण की शुरुआत