अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए इस्तेमाल हो रही मशीनों में शुक्रवार को खराबी आ गई, जिससे सैंपल जांच का काम प्रभावित हो गया। किसी तरह एक मशीन के साथ दोपहर 2:00 बजे काम शुरू किया जा सका। शनिवार को मशीन को सही करने के लिए टेक्नीशियन आएंगे, जिसके बाद जांच का काम पूरी क्षमता से हो पाएगा।
जेएन मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए दो मशीनें काम कर रही हैं। एक नई मशीन आई है, लेकिन उसका एक पार्ट आरएनए अभी नहीं आ पाया है। उम्मीद की जा रही है कि शनिवार या रविवार तक वह पार्ट आ जाएगा। दो मशीनों के साथ मेडिकल कॉलेज में जांच का काम चलता है। एक मशीन में एक समय में 15 सैंपल रखे जाते हैं और एक सैंपल की जांच के लिए 6 घंटे का समय लगता है। शुक्रवार को मशीनों में कुछ तकनीकी खराबी आ गई, जिससे जांच का काम बाधित हो गया और जो काम 8:00 बजे शुरू होना था, वह शुरू नहीं हो सका। किसी तरह दोपहर 2:00 बजे एक मशीन को काम करने की स्थिति में लाया गया। इसके बाद सैंपल जांचने का काम शुरू किया गया।
एएमयू जनसंपर्क विभाग के एमआईसी प्रोफेसर शाफे किदवई ने बताया कि मशीन को सही करने के लिए टेक्नीशियन आएंगे, जिसके बाद मशीनें पूरी क्षमता से काम करेंगी। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 8612 सैंपल की जांच हो चुकी है। इसमें 204 सैंपल अब तक पॉजिटिव पाए गए हैं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक जांच के लिए आने वाले सैंपलों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है। हम पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को भी 250 सैंपल की जांच की गई, जिसमें एक पॉजिटिव पाया गया। यह अलीगढ़ का एक बच्चा था।