फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिंसक हुआ जिन्ना विवाद, एएमयू में पथराव आैर लाठीचार्ज में कई लोग घायल

Thu, 03 May 2018 05:22 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
विज्ञापन
एएमयू सर्किल पर हंगामा करते एएमयू छात्रों को भगाते पुलिस कर्मी व आरएएफ के जवान। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर हटाने को लेकर एएमयू में दो दिन से चल रहा विवाद बुधवार को हिंसक हो गया। दोपहर में बाब-ए-सैयद पर जिन्ना का पुतला फूंकने पहुंचे हिंदू जागरण मंच व अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं का एएमयू छात्रों से टकराव हो गया। हिंदूवादियों को पुलिस द्वारा वहां से हटाए जाने के बाद एएमयू छात्र उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर बेकाबू हो गए।

विज्ञापन


छात्रों की भीड़ पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को धकियाती हुई सिविल लाइंस थाने की ओर कूच कर गई। इन बेकाबू छात्रों को रोकने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़ गए। इस संघर्ष में छात्रसंघ के पदाधिकारियों और एसपी सिटी समेत कई घायल हो गए। फिलहाल एएमयू के आसपास स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

पुलिस और छात्रों के बीच हुए संघर्ष में एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, सीओ तृतीय संजीव दीक्षित, इंस्पेक्टर सिविल लाइन जावेद खान, एसएसआई नरेश, इंस्पेक्टर अकराबाद विनोद कुमार तथा सिपाही हर्ष चौहान सहित 13 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। छात्र संघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी, पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन, पूर्व उपाध्यक्ष माजिन जैदी व कैबिनेट सदस्य मो. नदीम सहित करीब एक दर्जन छात्र घायल हुए हैं।
विज्ञापन


घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कालेज में दाखिल कराया गया है। बवाल के चलते प्रशासन के दखल पर यूनियन हाल में प्रस्तावित पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी को मानद सदस्यता दिए जाने का कार्यक्रम रद्द हो गया और वे वापस चले गए।

जमकर हुई नारेबाजी

एएमयू के यूनियन हॉल से पाकिस्तान के जनक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर हटाने की मांग को लेकर दोपहर में हिंदू जागरण मंच एवं कुछ अन्य संगठनों के नेता नारेबाजी करते हुए एएमयू रजिस्ट्रार कार्यालय तक पहुंच गए।

एएमयू के सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया और पुलिस को सूचित कर करीब आधा दर्जन कार्यकर्ताओं को थाना सिविल लाइंस भेज दिया। इस दौरान जागरण मंच के कार्यकर्ता एवं सुरक्षाकर्मियों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। थाने में जागरण मंच के नेताओं ने जमकर हंगामा किया और सुरक्षाकर्मियों पर कालर पकड़ने, मारपीट करने एवं अभद्रता करने का आरोप लगाया। स्कूटी तोड़ने का भी आरोप मंच के नेता लगा रहे थे। 

इसके बाद थाने से हिंदू जागरण मंच के महानगर संपर्क प्रमुख तनुराग वार्ष्णेय, अमित गोस्वामी, सौरभ चौधरी, संजू बजाज, अर्जुन भोलू सिंह आदि के नेतृत्व में भीड़ पुतला फूंकने के लिए जय श्रीराम, भारत माता की जय एवं वंदेमातरम आदि नारे लगाते हुए एएमयू सर्किल की ओर बढ़ी। एएमयू सर्किल पर पुलिसकर्मियों ने मंच नेताओं को रोकने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने और वहां से बाब-ए-सैयद (एएमयू का मुख्य गेट) की ओर बढ़ गए।

रास्ते में एएमयू के असलम नामक सुरक्षाकर्मी से मारपीट कर दी। बाब-ए-सैयद पर पहुंचते ही एएमयू के कई छात्र जागरण मंच के नेताओं के सामने आ गए। एएमयू छात्र हाथ में डंडा लिए हुए थे तो जागरण मंच के कार्यकर्ता बेल्ट और पत्थर। बाब-ए-सैयद से 100 मीटर से भी कम दूरी पर गेस्ट हाउस नंबर तीन पर पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी मौजूद थे। यह दृश्य देखकर पुलिसकर्मियों के पसीने छूट गए। नौबत आमने-सामने टकराव की आ गई थी।

गाली गलौज एवं हाथापाई शुरू हो गयी और एक-दूसरे को देख लेने की धमकी मिलने लगी। लेकिन पुलिसकर्मियों ने किसी तरह जागरण मंच के नेताओं समझाकर सर्किल तक लाए। वहां पर मंच नेताओं ने जिन्ना का पुतला दहन किया और नारेबाजी करते हुए थाना सिविल लाइंस की ओर चले गए। इसकी सूचना मिलने के बाद बाब-ए-सैयद पर एएमयू छात्र जुटने लगे।

एएमयू के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि हिंदूवादी नेताओं ने बाब-ए-सैयद तक पहुंचकर एएमयू छात्रों को चुनौती दी हो। अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी, उपाध्यक्ष सज्जाद सुभान रॉथर, सचिव मो. फहद, कैबिनेट सदस्य नदीम, जैद शेरवानी, छात्र नेता ठाकुर अजय सिंह, पूर्व उपाध्यक्ष माजिन जैदी, पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन, पूर्व सचिव नबील उस्मानी आदि पहुंच गए।

छात्र नेता आधे घंटे के अंदर हिंदू जागरण मंच एवं एएमयू कैंपस में घुसने वाले अन्य संगठनों के नेताओं पर एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग करने लगे। पुलिस-प्रशासन की भूमिका को लेकर भी छात्र आक्त्रसेशित थे और पुलिस-प्रशासन के साथ ही सांसद सतीश गौतम एवं आरएसएस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर ने कहा कि यह सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इशारे पर हुआ है। जानबूझकर हिंदूवादी कैंपस में घुसने की कोशिश कर रहे थे। अंदर पूर्व उपराष्ट्रपति थे, वे उनके साथ कुछ भी कर सकते थे। मगर अब हम भी चुप नहीं बैठेंगे।

इसके बाद उन्होंने चेतावनी दी कि एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो वे लोग थाने पहुंच जाएंगे। स्थिति की नजाकत को देखते हुए मौके पर मौजूद एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, एडीएम सिटी एसबी सिंह आदि ने मौके पर भारी संख्या में पुलिस-फोर्स बुला ली। कमांडेंट हेलाल फिरोज भी आरएएफ के साथ पहुंच गए। इसे देखकर एएमयू छात्रों का आक्त्रसेश बढ़ गया।

छात्र बाब-ए-सैयद से सर्किल की ओर कूच करने लगे। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने नाराजगी को देखते हुए छात्रों के सामने से बज्र वाहन एवं आरएएफ के जवानों को हटाकर दूर भेज दिया। लेकिन वहां मौजूद सैकड़ों छात्र नहीं माने और आगे बढ़ने लगे। इस दौरान कई बार अधिकारियों से धक्का-मुक्की, खींचतान, नोकझोंक हुई।

इंस्पेक्टर सिविल लाइंस को धकिया कर गिरा दिया गया। करीब 30 मिनट चली हुज्जत के बाद छात्र थाने की ओर बढ़ गए। इस पर बरगद हाउस के समीप बेकाबू छात्रों की ओर से ईंट-पत्थर फेंके गए। इस पर पुलिस एवं आरएएफ के जवानों ने लाठीचार्ज एवं आंसू गैस के गोले छोड़कर तितर-बितर कर दिया।
विज्ञापन

लाठीचार्ज के बाद भगदड़

लाठीचार्ज के बाद बरगद हाउस से लेकर एएमयू सर्किल एवं बाब-ए-सैयद तक भगदड़ मच गई। एएमयू छात्र, शिक्षक एवं कर्मचारी एवं राहगीर इधर-उधर भागने लगे।  लाठीचार्ज में छात्र संघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी, सचिव मो. फहद, पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन, माजिन जैदी, कैबिनेट सदस्य मो. नदीम, छात्र नेता ठाकुर अजय सिंह, अनस, अली हैदर सहित करीब एक दर्जन छात्र घायल हुए है।

गंभीर चोट से छटपटाते छात्र नेता इधर-उधर भागे। सभी घायलों को जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। लाठीचार्ज के बाद छात्र बाब-ए-सैयद पर बैठ गए हैं। इस मामले में तहरीरें थाने पहुंच रही हैं। वहीं देर रात तक छात्रों की भीड़ बाब-ए-सैयद पर जमा थी। बाद में आईजी डॉ.संजीव गुप्ता, डीएम चंद्रभूषण सिंह, नवागत एसएसपी अजय कुमार साहनी भी पहुंच गए थे। छात्रों को समझाने का प्रयास चल रहा था।

स्वामी प्रसाद   माफी मांगें या  पार्टी उन्हें निष्कासित करे 
भाजपा से राज्यसभा सदस्य हरनाथ सिंह यादव ने इस पूरे विवाद पर आक्रोश जताते हुए एएमयू को देशद्रोही ताकतों का अड्डा बताया। उन्होंने जिन्ना को महापुरुष बताने पर श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य को माफी मांगने या फिर उन्हें पार्टी से निकालने की मांग की। उन्होंने भाजपा नेतृत्व से मौर्य की शिकायत की है।  

कुछ युवक यहां दोपहर में जिन्ना की तस्वीर का विरोध करते हुए बाब-ए-सैयद तक पहुंच गए थे। जहां छात्रों से आमना-सामना हो गया। हालांकि विरोध करने आए युवक एएमयू सर्किल पर पुतला दहन कर चले गए। बाद में छात्रों ने उन पर कार्रवाई की मांग को लेकर शहर में घुसकर बवाल की कोशिश की।

इस पर उन्हें हल्का बल प्रयोग कर रोक लिया गया। बाकी आगे की कार्रवाई व छात्रों को समझाने का प्रयास जारी है। पुलिस व छात्रों से कई लोग जख्मी हुए हैं। जो भी तहरीरें मिलेंगी, उन पर मुकदमे आदि दर्ज किए जाएंगे। -अतुल श्रीवास्तव एसपी सिटी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें