सबसे ज्यादा बुरा हाल ई-रिक्शा की वजह से है। जो तंग गलियों व संकरे बाजारों में जाम बढ़ा रहे हैं। सिविल लाइंस के दोदपुर, अमीर निशा, लालडिग्गी, समद रोड, सराय हकीम, बारहद्वारी, रसलगंज, देहली गेट, मलिक चौक, मानिक चौक, मामू भांजा, बड़ा बाजार, महावीरगंज, छिपेटी, कनवरीगंज, सब्जी मंडी, ऊपरकोट, फूल चौराहा, हलवाई खाना, जयगंज, रेलवे रोड पर ई-रिक्शा जाम का बड़ा कारण बन रहे हैं।
जिले में हैं पांच केंद्र
जिले में पांच ऑटो संचालन केंद्र है। नियमानुसार संचालन केंद्र की 16 किमी की परिधि में सवारी लाने-ले जाने की अनुमति ऑटो संचालकों को दी जाती है। इस परिधि से बाहर जाने पर इनके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। निजी बसों के मार्ग पर ऑटो चलाने की अनुमति नहीं है। बावजूद इसके ये हर तरफ दौड़ते हैं। वर्ष 2019 से सिर्फ सीएनजी ऑटो को परमिट मिल रहे हैं। पंजीकृत ऑटो व ई रिक्शा का आंकड़ा बेशक कम है, मगर गैर पंजीकृत वाहनों की संख्या कहीं अधिक है।